सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने दो इनामी माओवादियों समेत छह नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जिले के कोंटा थाना क्षेत्र से दो नक्सलियों को तथा भेज्जी थाना क्षेत्र से चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया है.
अधिकारियों ने बताया कि जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत मंगलवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), जिला बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दल को रवाना किया गया था. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों के संयुक्त दल को दो भागों में विभक्त कर नीलामड़गू और पीलावाया गांव की ओर रवाना किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि दल ने अभियान के दौरान कोंटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीलावाया गांव में घेराबंदी कर दो नक्सलियों कुंजाम मुका (37) और माड़वी मुया (30) को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि नक्सली कुंजाम के सिर पर एक लाख रुपये तथा माड़वी पर दो लाख रुपये का इनाम है.
अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान केन्द्र बंडा में चुनाव ड्यूटी में लगे सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने की घटना में शामिल होने तथा 2024 में गंगराजपाड़ गांव निवासी ग्रामीण ताती बुधरा की हत्या में शामिल होने का आरोप है. उन्होंने बताया कि पुलिस को दोनों नक्सलियों की लंबे समय से तलाश थी.
अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में मुखबीर से सूचना मिली थी कि चार संदिग्ध व्यक्ति इंजरम से भेज्जी गांव के मुख्य मार्ग पर पिछले दो दिनों से लगातार किसी घटना को अंजाम देने के लिए टोह ले रहे हैं. सूचना के आधार पर कोंटा और भेज्जी थाने के संयुक्त दल ने एटेगट्टा और गोरखा गांव के मध्य चार संदिग्ध नक्सलियों -माड़वी सुक्का (35), सोड़ी चंदरू (28), मुचाकी लखमा (27) और सोड़ी देवा (24) को गिरफ्तार कर लिया.
उनके मुताबिक, नक्सलियों ने पूछताछ में पुलिस दल को नुकसान पहुंचाने के लिए कोत्ताचेरू और गोरखा गांव के मध्य जंगल में बारूदी सुरंग छुपाकर रखने की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की निशानदेही पर कोत्ताचेरू और गोरखा गांव के मध्य जंगल से तीन किलोग्राम वजनी एक टिफिन बम, सात मीटर कार्डेक्स वायर, 15 मीटर बिजली का वायर और पांच इले्ट्रिरक डेटोनेटर बरामद किए गए. उन्होंने बताया कि नक्सलियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है.

