नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों से भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वदेशी मेला’ आयोजित करने का आग्रह किया और कहा कि आत्मनिर्भरता ही भारत के उत्थान का मार्ग है.

सूत्रों ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और लोगों को जीएसटी दरों में कटौती के व्यापक प्रभाव के बारे में बताने का आग्रह किया. सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा उन्होंने सांसदों से खासकर त्योहारी सीजन में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों एवं व्यापारियों के साथ बैठकें करने का आग्रह किया.

केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने बाद में कहा कि मोदी ने किसी देश का जिक्र नहीं किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, ऐसे में कुछ चुनौतियां भी आएंगी और विकसित राष्ट्र बनने की राह पर आगे बढ़ने के लिए उसे ‘आत्मनिर्भर’ होने की जरूरत है.” भारत पर 50 प्रतिशत का शुल्क लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद अमेरिका के साथ संबंधों में आई तल्खी के बीच, मोदी ने ”स्वदेशी” का नारा बुलंद किया है, हालांकि वे लंबे समय से इस पर जोर देते रहे हैं.

रीजीजू ने कहा कि उन्होंने सांसदों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मेले आयोजित करने और इसमें नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि लोगों को भारत में निर्मित उत्पादों पर उतना ही गर्व होना चाहिए, जितना वे कभी जापानी वस्तुओं पर महसूस करते थे. मोदी ने सांसदों से कहा कि वे जिस कार्यक्रम में शामिल हों, “स्वदेशी” उसका हिस्सा होना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती से एक लहर पैदा हुई है और सांसद जनता के साथ बैठकें करके इस संदेश को उन तक पहुंचाएं. सूत्रों ने बताया कि मोदी ने सांसदों को सलाह दी कि वे मंगलवार को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में सही तरीके से मतदान करें, ताकि कोई भी वोट बर्बाद न हो.

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