राष्ट्रवाणी: रायपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ देशभर में आम परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ रही है। योजना के माध्यम से घरों की छतों को बिजली उत्पादन का माध्यम बनाकर परिवार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ बिजली खर्च में भी राहत पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का लाभ नागरिकों तक पहुंच रहा है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा निवासी शुभम राठौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के विजन से प्रेरित होकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया है।
सौर ऊर्जा को अपनाने से उनके परिवार की घरेलू बिजली जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली खर्च में भी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और देश के परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत की है।
योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना और बिजली के खर्च को कम करने में सहायता प्रदान करना है। शुभम राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर इस संकल्प को अपने जीवन में अपनाया है। उनके परिवार के लिए अब घर की छत ही बिजली उत्पादन का माध्यम बन गई है।
सोलर प्लांट से आवश्यकता से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त विद्युत ग्रिड में पहुंचती है और उसका समायोजन बिजली बिल में किया जाता है। इससे सौर ऊर्जा से होने वाले लाभ का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है। राठौर का परिवार अपनी जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से पूरी करने के साथ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है।
शुभम राठौर का परिवार सौर ऊर्जा को अपनाकर स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। इस तरह योजना का लाभ परिवार की आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ रहा है।
शुभम राठौर बताते हैं कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनके परिवार को बिजली खर्च में राहत मिली है। अब घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना से मिली सब्सिडी के कारण सोलर प्लांट लगाना आसान हुआ और अब स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करते हुए परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
ग्राम भदौरा के शुभम राठौर की कहानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा के विजन को स्थानीय स्तर पर साकार होते दिखाती है। एक परिवार द्वारा अपनी छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना न केवल बिजली की जरूरत पूरी करने का माध्यम बना है, बल्कि ऊर्जा बचत, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक कदम है।
‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से घर-घर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऐसे परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राठौर का परिवार इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां सूरज की रोशनी से बिजली भी बन रही है और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी रोशन हो रही है।
