
नयी दिल्ली. कांग्रेस सूत्रों ने बुधवार को कहा कि पार्टी में सबको अपनी राय रखने की आजादी है, लेकिन लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव से जुड़े मुद्दे पर अपने हालिया बयानों से ”लक्ष्मण रेखा” लांघ दी है. सूत्रों ने यह भी कहा कि आलाकमान ने नेताओं को हिदायत दी है कि वे इस मुद्दे पर अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करने के बजाय पार्टी का पक्ष रखें. कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में एक वरिष्ठ नेता ने थरूर का नाम लिए बगैर पार्टी लाइन से इतर बयान दिए जाने का विषय उठाया और कहा कि नेतृत्व को इसमें दखल देना चाहिए. खुद थरूर बैठक में मौजूद थे.
कार्य समिति की बैठक के बाद सूत्रों ने बताया, ”कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और सभी को अपनी राय जाहिर करने की आजादी है, लेकिन थरूर ने इस बार लक्ष्मण रेखा लांघ दी है.” उनका कहना है, ”आलाकमान की तरफ से हिदायत दी गई कि यह समय व्यक्तिगत राय व्यक्त करने का नहीं, (बल्कि) पार्टी की राय रखने का है. हालांकि यह हिदायत देते वक्त किसी का नाम नहीं लिया गया.” सूत्रों ने यह भी बताया कि थरूर ने कार्य समिति की बैठक में पार्टी लाइन के मुताबिक अपनी बात रखी और कुछ ”रचनात्मक सुझाव” भी दिए.
बैठक के बाद थरूर के बयानों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि थरूर की टिप्पणी पार्टी की राय नहीं होती है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थरूर भारत और पाकिस्तान के बीच ”मध्यस्थता” संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाते दिख रहे हैं. कांग्रेस इस मामले पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से निरंतर सवाल पूछ रही है.
दूसरी तरफ, थरूर का कहना है कि ट्रंप ”किसी भी बात का श्रेय लेने के इच्छुक नेता” हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच गलत तुलना की और उनके द्वारा एक पीड़ित और एक अपराधी को समान बताया जाना चौंकाने वाली बात है. थरूर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए सशस्त्र बलों के साथ सरकार की तारीफ की है.

