विशाखापत्तनम. शीर्ष क्रम की नाकामी से उबरते हुए क्लो ट्रायोन और मरियाने काप ने ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई तो नडाइन डि क्लेर्क एक बार फिर बेहतरीन ‘फिनिशर’ साबित हुई जिसकी मदद से दक्षिण अफ्रीका ने महिला विश्व कप के रोमांचक मुकाबले में सोमवार को बांग्लादेश को तीन विकेट से हरा दिया .
भारत के खिलाफ 84 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने वाली डि क्लेर्क ने आखिरी ओवर में नाहिदा अख्तर को एक चौका और एक छक्का जड़कर दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट पर 235 रन तक पहुंचाया . बांग्लादेश के गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के शीर्ष और मध्यक्रम के नाकाम रहने के बाद ट्रायोन और मरियाने काप ने छठे विकेट के लिये 85 रन की साझेदारी करके दक्षिण अफ्रीका को मैच में बनाये रखा .
काप 71 गेंद में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 56 रन बनाकर नाहिदा का शिकार हुई जिनका कैच शोरना ने लपका . इसके बाद ट्रायोन ने मोर्चा संभाला लेकिन 69 गेंद में 62 रन बनाने के बाद वह उस समय रन आउट हो गई जब उनकी टीम को 31 गेंद में 35 रन की जरूरत थी. डि क्लेर्क ने 29 गेंद में चार चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 37 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया . बांग्लादेश के लिये रितु ने दस ओवर में सिर्फ 29 रन देकर एक विकेट लिया जबकि नाहिदा को दो विकेट मिले .
इससे पहले बांग्लादेश के लिये सबसे तेज वनडे अर्धशतक (35 गेंद में) बनाने वाली शोरना अख्तर के आखिरी ओवरों में आतिशी प्रदर्शन से उनकी टीम ने पहले बल्लेबाजी चुनकर छह विकेट पर 232 रन बनाये . एक समय लग रहा था कि बांग्लादेश टीम 200 रन तक भी नहीं पहुंच सकेगी लेकिन शोरना ने आखिरी पांच ओवरों में तस्वीर बदल दी . उन्होंने 35 गेंद में तीन चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 51 रन बनाकर टीम को संकट से निकाला . रितु ने उनका बखूबी साथ देते हुए आठ गेंदों में 19 रन बनाये .
लगातार तीसरी जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका अब भारत को चौथे स्थान पर धकेल कर चार मैचों में छह अंक लेकर तीसरे स्थान पर है . आस्ट्रेलिया चार मैचों में सात अंक लेकर शीर्ष पर और इंग्लैंड तीनों मैच जीतकर छह अंक के साथ दूसरे स्थान पर है . भारत के चार मैचों में चार अंक है और वह चौथे स्थान पर है . बांग्लादेश के गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका को आज अच्छी शुरूआत नहीं करने दी और दूसरे ही ओवर में तनजीम ब्रिट्ज खाता खोले बिना नाहिदा को रिटर्न कैच दे बैठी .
कप्तान लौरा वोल्वार्ट अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रही और 31 रन बनाकर आफसाइड पर खेले एक शॉट पर दूसरा रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गई . बीच के ओवरों में बांग्लादेशी गेंदबाजों ने बेहद किफायती गेंदबाजी की और राबिया हैदर ने 10वें और 12वें ओवर में सिर्फ एक एक रन देकर दबाव बना दिया .
सुने लूस की जगह खेल रही एनेके बॉश (28) को रितु मोनी ने 16वें ओवर में मिड आफ पर शोभना मोस्तारी के हाथों लपकवाकर दक्षिण अफ्रीका को एक और झटका दिया . अगले दो ओवर में नाहिदा और रितु ने एक एक रन ही दिया जिससे दबाव बन गया और 19वें ओवर की पहली गेंद पर एनेरी डर्कसेन (दो) को राबिया ने बोल्ड कर दिया . काप और ट्रायोन ने इसके बाद पारी को संभाला . पहले बल्लेबाजी चुनने वाली बांग्लादेश के बल्लेबाजों का खराब फॉर्म जारी रहा और कोई भी दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों को खुलकर खेल नहीं सकीं . पिछले मैच में भारत को हराने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज दक्षिण अफ्रीका ने लगभग खाली पड़े एसीए वीडीसीए स्टेडियम में ‘जाइंट किलर’ बांग्लादेश अच्छी शुरूआत नहीं करने दी .
बल्लेबाजों पर दबाव का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि बांग्लादेश की पारी का पहला चौका छठे ओवर में लगा जब मसाबाता क्लास की गेंद पर फरजाना हक ने गेंद को मिडआफ में खेलकर सीमारेखा पर पहुंचाया . वहीं पारी का पहला छक्का 42वें ओवर में शोरना अख्तर ने स्पिनर ट्रायोन को जड़ा . यही नहीं 19वें से 24वें ओवर के बीच सिर्फ नौ रन बने .
पहले मैच में पाकिस्तान को हराने के बाद इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से हारी बांग्लादेश की टीम के लिये शोरना ने ही सौ से अधिक की स्ट्राइक रेट से रन बनाये . उन्होंने 46वें ओवर में मध्यम तेज गेंदबाज टुमी सेखुखुने को लांग आन पर एक छक्का और दो चौके समेत 18 रन निकाले जो बांग्लादेश की पारी का सबसे अच्छा ओवर भी रहा . बांग्लादेश की शुरूआत बेहद धीमी रही और काप के पहले ओवर में सिर्फ तीन रन बने जबकि दूसरे छोर से क्लास ने भी बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए पहले ओवर में एक ही रन दिया . काप के पहले तीन ओवर में सात और क्लास के पहले दो ओवर में दो ही रन बने . वहीं सेखुखुने ने पहले चार ओवर में सिर्फ पांच रन दिये . पावरप्ले के ओवरों में सिर्फ 28 रन बने .
सलामी बल्लेबाजों हक और रूबिया हैदर स्ट्रोक्स नहीं लगा पा रहीं थी और इक्के दुक्के रन चुराने में भी उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई . दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी 91 गेंद में पूरी हुई . इसके कुछ देर बाद ही ट्रायोन ने दक्षिण अफ्रीका को पहली सफलता दिलाते हुए हैदर को मिड आन पर नडाइन डि क्लर्क के हाथों लपकवाया . हैदर ने 52 गेंद में 25 रन बनाये जिसमें सिर्फ दो चौके शामिल थे .
नयी बल्लेबाज शरमीन अख्तर ने कुछ अच्छे स्ट्रोक्से लगाकर रनगति बेहतर करने की कोशिश की लेकिन दूसरे छोर पर फरजाना बहुत की धीमा खेल रही थीं . उनकी पारी का अंत 25वें ओवर में स्पिनर नोनकुलुलेको एमलाबा ने पगबाधा आउट करके किया . मैदानी अंपायर ने पहले बल्लेबाज के पक्ष में फैसला दिया था लेकिन डीआरएस से साफ था कि गेंद आफ स्टम्प पर लग रही थी .
फरजाना ने 76 गेंद खेलकर 39 . 47 की स्ट्राइक रेट से 30 रन बनाये . बांग्लादेश का दूसरा विकेट 73 रन के स्कोर पर गिरा .
टूर्नामेंट में पहले तीन मैचों में 23 ,0 और चार रन ही बना सकी कप्तान निगार सुल्ताना पहली बार खुलकर खेलती दिखीं और 42 गेंद में 32 रन बनाकर उन्होंने शरमीन का बखूबी साथ दिया . दोनों ने तीसरे विकेट के लिये 77 रन की साझेदारी की जो बांग्लादेश की सबसे बड़ी साझेदारी थी .
निगार को एमलाबा ने कप्तान लौरा वोल्वार्ट के हाथों लपकवाकर इस साझेदारी को तोड़ा . दो ओवर बाद शरमीन भी तेजी से रन चुराने के प्रयास में गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हो गई . उन्होंने 77 गेंद में छह चौकों की मदद से पचासा पूरा किया .
बांग्लादेश ने 47वें ओवर में दो विकेट गंवा दिये जिससे दूसरे छोर से रनगति बढाने के प्रयास में जुटी शोरना की लय भी टूटी . डि क्लर्क के ओवर में पहले शोभना मोस्तारी (नौ) रन आउट हो गई जब शोरना ने फाइन लेग पर शॉट खेला लेकिन सेखुखुने ने सटीक थ्रो पर गिल्लियां बिखेर दी . इसके बाद राबिया खान खाता खोले बिना ही बोल्ड हो गई . रितु मोनी ने अगले ओवर में काप को तीन चौके जड़कर दबाव को हटाने की कोशिश की . वहीं शोरना ने अगले ओवर में डि क्लर्क को लांग आन के ऊपर से बेहतरीन छक्का लगाकर रनगति को बढाने का सिलसिला जारी रखा .

