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Home»International»US Tariffs: अमेरिका और भारत के बीच आखिर क्यों बढ़ा टकराव, टैरिफ के पीछे छुपा बड़ा एजेंडा क्या? जानें सबकुछ
International

US Tariffs: अमेरिका और भारत के बीच आखिर क्यों बढ़ा टकराव, टैरिफ के पीछे छुपा बड़ा एजेंडा क्या? जानें सबकुछ

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniAugust 11, 2025No Comments2 Mins Read
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US Tariffs: अमेरिका और भारत के बीच आखिर क्यों बढ़ा टकराव, टैरिफ के पीछे छुपा बड़ा एजेंडा क्या? जानें सबकुछ
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US Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप आखिर भारत के पीछे क्यों पड़े हैं? क्या वजह है कि अमेरिका चीन का विरोधी होने के बावजूद भी उसे नजरअंदाज कर रहा है? क्या टैरिफ युद्ध सिर्फ व्यापार तक सीमित है या इसका राजनीतिक एजेंडा कुछ और है? क्या ट्रंप सरकार भारत के साथ अपने सबंधों में तनाव बढ़ाकर बड़ी भूल कर रही है?

अमेरिका-भारत के बीच टैरिफ विवाद और उसके पीछे छुपे राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक एजेंडे को समझाने का प्रयास है। मुख्य बिंदु हैं:

  1. टैरिफ का विस्तार और कारण: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल आयात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिसके बाद भारत पर कुल 50% टैरिफ लग गया। अमेरिका का मकसद रूस से ऊर्जा खरीद को नियंत्रित करना और चीन को लेकर रणनीतिक खेल खेलना है।
  2. भारत का जवाब: भारत ने इन टैरिफ्स को दुर्भाग्यपूर्ण और तर्कहीन बताया है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार हितों का हवाला देते हुए कहा है कि यह कदम उसकी ऊर्जा जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समन्वय के खिलाफ है।
  3. आर्थिक प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का कुल निर्यात प्रभावित होने वाला हिस्सा महज 4.8% है, यानी लगभग 40 अरब डॉलर। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटो पार्ट्स, आदि क्षेत्रों पर अभी प्रभाव कम है।
  4. राजनीतिक और रणनीतिक एजेंडा: ट्रंप का मानना है कि भारत और रूस के संबंध, खासकर ऊर्जा और रक्षा में, अमेरिका की रणनीतिक योजनाओं के खिलाफ हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूस से तेल खरीदा, जिससे अमेरिका नाराज है। अमेरिका चीन को भी नजरअंदाज कर रहा है क्योंकि चीन भारत का बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
  5. रिश्तों का इतिहास: दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता और सहयोग का प्रयास चला, लेकिन टैरिफ विवाद के कारण वह अटक गया। ट्रंप भारत को “टैरिफ किंग” कहने लगे हैं।
  6. भविष्य की संभावनाएं: विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैरिफ युद्ध दीर्घकालिक रणनीतिक खेल का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका चीन और रूस को नियंत्रित करने के साथ-साथ भारत को भी अपने प्रभाव में लाने का प्रयास कर रहा है। भारत का अभी यह موقف है कि वह अपने हितों से समझौता नहीं करेगा।

सारांश: यह टैरिफ विवाद सिर्फ व्यापार का मामला नहीं है, बल्कि इसमें भू-राजनीतिक और रणनीतिक एजेंडे भी जुड़े हैं। भारत-अमेरिका के संबंधों को प्रभावित कर सकता है, और यह समझना जरूरी है कि इन टैरिफ्स के पीछे अमेरिका का रणनीतिक मकसद चीन और रूस के साथ अपनी स्थिति मजबूत करना है।

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