जयपुर. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार को भारत से गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने, अपने बाजारों तक अधिक पहुंच देने तथा अधिक अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद और सैन्य हार्डवेयर खरीदने का आह्वान किया. उन्होंने समृद्ध और शांतिपूर्ण 21वीं सदी के लिए दोनों देशों के बीच प्रगाढ. संबंधों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की.
राजस्थान की राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बार-बार प्रशंसा की और उन्हें एक ”विशेष व्यक्ति” बताया तथा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के एकजुट होकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, “मैं सचमुच मानता हूं कि 21वीं सदी का भविष्य अमेरिका-भारत साझेदारी की मजबूती से निर्धारित होगा.” वेंस ने कहा, “मेरा मानना है कि यदि भारत और अमेरिका सफलतापूर्वक मिलकर काम करेंगे, तो हम 21वीं सदी को समृद्ध और शांतिपूर्ण देखेंगे. लेकिन मेरा यह भी मानना है कि अगर हम सफलतापूर्वक मिलकर काम करने में असफल रहे, तो 21वीं सदी पूरी मानवता के लिए बहुत अंधकारमय समय हो सकती है.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति, भारतीय मूल की अपनी पत्नी उषा चिलुकुरी और अपने तीन बच्चों – बेटे इवान, विवेक और बेटी मीराबेल के साथ अमेरिका के शुल्क युद्ध पर बढ.ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को दिल्ली पहुंचे.
वेंस और मोदी ने व्यापक मुद्दों पर बातचीत की, जिसके बाद दोनों नेताओं ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए वार्ता में “महत्वपूर्ण प्रगति” का स्वागत किया. अपने संबोधन में वेंस ने भारत से अमेरिकी उत्पादों के लिए अधिक बाजार पहुंच उपलब्ध कराने तथा उनके देश से ज्यादा हथियार एवं साजो समान और ऊर्जा खरीदने का भी आग्रह किया.
उन्होंने कहा, “हम भारत को उसके अपतटीय प्राकृतिक गैस भंडार और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्तियों सहित अपने स्वयं के महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों की खोज में भी मदद करना चाहते हैं.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, ह्ल हमारे पास क्षमता है और हम मदद करने की इच्छा भी रखते हैं. इसके अलावा, हमें लगता है कि ऊर्जा सह-उत्पादन अन्य विदेशी बाजारों में अनुचित प्रति्स्पिपधयों को मात देने में मदद करेगा.” उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा मानना ?है कि भारत हमारे देशों के बीच ऊर्जा संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है और मेरा एक सुझाव यह है कि भारतीय बाज.ार में अमेरिकी पहुंच के लिए कुछ गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए. वेंस ने कहा कि वह और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ मजबूत संबंधों की आशा कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, “अमेरिकी लोग भारतीय बाजारों तक अधिक पहुंच चाहते हैं. यह व्यापार करने के लिए एक बेहतरीन जगह है और हम अपने लोगों को इस देश और भारतीयों तक अधिक पहुंच प्रदान करना चाहते हैं.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “हमारा मानना है कि अमेरिका से अधिक व्यापार यह फलेगा-फूलेगा. यह दोनों पक्षों के लिए फायदे वाली साझेदारी है और भविष्य में भी यह बनी रहेगी.” वेंस ने आगाह किया कि अगर भारत और अमेरिका “तालमेल बनाए रखने में विफल” रहे, तो इसके परिणाम पूरे विश्व के लिए होंगे और यह “काफी भयावह” होगा.
उन्होंने कहा, ह्लऔर यह भी एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत और अमेरिका के पास एक-दूसरे को देने के लिए बहुत कुछ है.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, ह्लएक साथ मिलकर काम करने से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है. यही कारण है कि राष्ट्रपति ट्रंप और मैंने कई कूटनीतिक संगठनों में भारत के नेतृत्व का स्वागत किया है.” उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से क्वाड में, हम मानते हैं कि एक मजबूत भारत का मतलब अधिक आर्थिक समृद्धि है, लेकिन साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अधिक स्थिरता भी है, जो निश्चित रूप से इस कमरे में बैठे हम सभी लोगों के लिए एक साझा लक्ष्य है.” वेंस ने भारत के असैन्य परमाणु दायित्व कानूनों में संशोधन के लिए मोदी सरकार की बजट घोषणा का भी स्वागत किया.
दायित्व कानून अमेरिकी उत्पादकों को छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का निर्यात करने तथा भारत में बड़े अमेरिकी डिजाइन वाले रिएक्टरों के निर्माण से रोकता है. उन्होंने कहा, “हम बहुत कुछ बना सकते हैं, हम साथ मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं. हमारा मानना है कि अमेरिकी ऊर्जा भारत के परमाणु ऊर्जा उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकती है.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने की वकालत की और सुझाव दिया कि दिल्ली उनके देश से और अधिक सैन्य हार्डवेयर खरीदे.
उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से और अधिक सहयोग करना चाहते हैं, हम साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और हम चाहते हैं कि आपका देश और अधिक हमारे सैन्य उपकरणों को खरीदे.ह्व वेंस ने कहा, “उदाहरण के लिए, अमेरिका के पांचवीं पीढ.ी के एफ-35 (जेट) भारतीय वायु सेना को आपके हवाई क्षेत्र की रक्षा करने और आपके लोगों की रक्षा करने की ऐसी क्षमता प्रदान करेंगे, जैसी पहले कभी नहीं थी.” फरवरी में वाशिंगटन में मोदी-ट्रंप बैठक को याद करते हुए वेंस ने कहा कि इसने घनिष्ठ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की नींव रखी.
उन्होंने कहा, ह्लजैवलिन से लेकर स्ट्राइकर लड़ाकू वाहनों तक, हमारे देश अनेक ऐसे हथियारों और उपकरणों का सह-उत्पादन करेंगे जिनकी हमें विदेशी हमलावरों को रोकने के लिए आवश्यकता होगी, इसलिए नहीं कि हम युद्ध चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि हम शांति चाहते हैं और हमारा मानना ??है कि शांति का सर्वोत्तम मार्ग आपसी शक्ति से होकर गुजरता है.ह्ल उन्होंने कहा, “भारत इस साल क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद प्रशांत में हमारे हित पूरी तरह से जुड़े हैं. हम दोनों जानते हैं कि इस क्षेत्र को किसी भी शत्रुतापूर्ण शक्तियों से सुरक्षित रहना चाहिए जो हावी होना चाहती हैं.” वेंस और उनका परिवार कल रात जयपुर पहुंचा था. उनका बुधवार को आगरा जाने का कार्यक्रम है.
मोदी की लोकप्रियता से मुझे ईष्र्या होती है : अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मंगलवार को उन्हें एक ”खास व्यक्ति” बताया और कहा कि उनकी लोकप्रियता से ”मुझे ईष्र्या होती है.” वेंस ने यहां एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों के बारे में बात करते हुए यह भी कहा कि मोदी ”सौदेबाजी में माहिर” हैं, जो भारत के उद्योग के लिए ”काफी पैरोकारी” करते हैं.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति, भारतीय मूल की अपनी पत्नी उषा चिलुकुरी और तीन बच्चों- बेटे इवान और विवेक तथा बेटी मीराबेल के साथ भारत की चार दिवसीय यात्रा पर सोमवार सुबह दिल्ली पहुंचे.
मोदी ने वेंस के साथ बातचीत के बाद सोमवार रात अपने आधिकारिक आवास पर वेंस के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया.
वेंस ने अपनी टिप्पणी में कहा, ”मैंने कल रात प्रधानमंत्री मोदी से कहा, उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि मुझे उनसे ईष्र्या होती है.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कैसे उनके बेटे इवान को रात्रिभोज में खाना इतना पसंद आया कि वह भारत में रहना चाहता था.
वेंस ने कहा, ”कल, जब हमने प्रधानमंत्री के घर पर रात्रिभोज किया, तो भोजन इतना स्वादिष्ट था और प्रधानमंत्री हमारे तीनों बच्चों से इतना घुल मिल गए कि इवान मेरे पास आया और बोला, पापा, आप जानते हैं, मुझे लगता है कि शायद मैं भारत में रह सकता हूं.” अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा, ”लेकिन जयपुर की धूप में ग्रेट पैलेस में लगभग 90 मिनट बिताने के बाद उसने कहा कि शायद हमें इंग्लैंड चले जाना चाहिए.” वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को एक ”खास व्यक्ति” भी कहा तथा पूर्ववर्ती अमेरिकी प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि वह मोदी के प्रति उपदेश देने वाला रवैया अपनाने का प्रयास कर रहा था.
उन्होंने कहा, ”अब हम यहां यह उपदेश देने के लिए नहीं आए हैं कि आप किसी एक विशेष तरीके से काम करें. अतीत में भी अमेरिका ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अक्सर उपदेशात्मक व्यवहार किया.” वेंस ने कहा, ”पूर्ववर्ती प्रशासन भारत को कम लागत वाले श्रमिक के स्रोत के रूप में देखते थे. एक ओर, वे प्रधानमंत्री की सरकार की आलोचना करते थे, जो संभवत? लोकतांत्रिक दुनिया में सबसे लोकप्रिय सरकार थी.” वेंस ने कहा कि मोदी सौदेबाजी में माहिर शख्स हैं और यही कारण है कि ”हम उनका सम्मान करते हैं.”
उन्होंने कहा, ”हम प्रधानमंत्री मोदी को भारत के उद्योग का पैरोकार बनने के लिए दोषी नहीं ठहराते. लेकिन हम अतीत के अमेरिकी नेताओं को हमारे श्रमिकों के लिए ऐसा करने में विफल रहने के लिए दोषी ठहराते हैं. और हमें विश्वास है कि हम इसे अमेरिका और भारत दोनों के पारस्परिक लाभ के लिए ठीक कर सकते हैं.” वेंस और उनके परिवार की भारत यात्रा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित लगभग 60 देशों के विरुद्ध व्यापक नए शुल्क व्यवस्था लागू करने और फिर उसे स्थगित करने के कुछ सप्ताह बाद हुई है.

