मुंबई. तेल एवं गैस और आईटी शेयरों में बिकवाली, विदेशी पूंजी की निकासी और साल के अंत में कमजोर कारोबार होने से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 346 अंक के नुकसान में रहा जबकि निफ्टी एक बार फिर 26,000 के स्तर के नीचे आ गया.

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए 345.91 अंक यानी 0.41 प्रतिशत टूटकर 84,695.54 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 403.59 अंक गिरकर 84,637.86 अंक तक आ गया था. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी तीसरे दिन भी नुकसान में रहा और 100.20 अंक यानी 0.38 प्रतिशत फिसलकर 25,942.10 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सर्वाधिक 2.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा एचसीएल टेक में 1.86 प्रतिशत, पावर ग्रिड में 1.85 प्रतिशत, ट्रेंट में 1.36 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 1.26 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 1.14 प्रतिशत की गिरावट रही.

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी 0.88 प्रतिशत की नरमी रही. केजी-डी6 गैस विवाद में रिलायंस और उसकी साझेदार बीपी से सरकार द्वारा 300 अरब डॉलर का मुआवजा मांगे जाने की खबर है. इसके विपरीत, टाटा स्टील के शेयरों में सर्वाधिक 1.83 प्रतिशत की तेजी रही. एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटर्नल के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी के लिए किसी ठोस संकेत का अभाव है.

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ह्लबाजार में आगे तेजी के लिए फिलहाल मजबूत कारण नहीं दिख रहे हैं. अधिकतर निवेशक छुट्टियों के मूड में हैं, जिससे निकट अवधि में बाजार के एक दायरे में ही रहने के संकेत मिलते हैं.ह्व व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.58 प्रतिशत नुकसान में रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.45 प्रतिशत की गिरावट रही. क्षेत्रवार सूचकांकों में उपयोगिता खंड में 0.91 प्रतिशत और बिजली खंड में 0.86 प्रतिशत की तेजी रही. इसके अलावा आईटी, फोकस आईटी, रियल्टी और पूंजीगत उत्पाद खंड भी चढ़कर बंद हुए.

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि बाजार की धारणा वैश्विक संकेतों और चुनिंदा शेयरों से जुड़ी खबरों से प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा, ह्लकिसी बड़े उत्प्रेरक के अभाव में कारोबारी सौदे कम हो रहे हैं और निवेशक व्यापक दांव लगाने के बजाय चयनात्मक निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं.ह्व एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक दो प्रतिशत से अधिक चढ़ गया. चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे.

यूरोप के प्रमुख बाजारों में अधिकतर में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था. अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लगभग स्थिर बंद हुए थे.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 317.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,772.56 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.70 प्रतिशत चढ़कर 61.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इससे पहले शुक्रवार को भी स्थानीय बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे. सेंसेक्स 367.25 अंक टूटकर 85,041.45 और निफ्टी 99.80 अंक गिरकर 26,042.30 पर बंद हुआ था.

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