🔴3981 विशेष शिक्षकों की जरूरत
राष्ट्रवाणी 24 मई 2026। Supreme Court of India ने छत्तीसगढ़ में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य शासन को विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला तथा अधिवक्ता पलाश तिवारी ने विस्तृत पैरवी की। कौस्तुभ शुक्ला ने छत्तीसगढ़ आरसीआई टीचर एसोसिएशन की ओर से लंबित प्रकरण में हस्तक्षेप आवेदन भी प्रस्तुत किया, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन पक्षकार है।
समावेशी शिक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने समावेशी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
दो माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश
कोर्ट ने निर्देश दिया कि पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया यथासंभव दो माह के भीतर पूरी की जाए। साथ ही जुलाई 2026 में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
848 स्वीकृत पदों में अब भी बड़ी संख्या में रिक्तियां
राज्य शासन ने अदालत को बताया कि प्रदेश में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों पर भर्ती के लिए 3 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था।
इनमें 62 शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 38 पद अब भी रिक्त हैं।
155 बीआरपी और 85 विशेष शिक्षकों को मौका
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्राथमिक स्तर पर कार्यरत 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (BRP) और माध्यमिक स्तर के 85 विशेष शिक्षकों को स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने का अवसर दिया जाए।
आरसीआई योग्यता वाले अभ्यर्थियों पर होगा विचार
कोर्ट ने कहा कि यदि अभ्यर्थी भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता और अन्य पात्रताओं को पूरा करते हैं, तो उनकी नियुक्ति पर विधिसम्मत विचार किया जाए।
49 हजार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सिर्फ सीमित शिक्षक
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माना कि छत्तीसगढ़ में 49 हजार से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं, जबकि राज्य में लगभग 3981 विशेष शिक्षकों की आवश्यकता है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से मजबूत पैरवी
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला और अधिवक्ता पलाश तिवारी ने विस्तृत पैरवी की।
‘राजनीश कुमार पांडेय बनाम भारत संघ’ मामले में आदेश
यह आदेश “राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य” प्रकरण में पारित किया गया है, जिसे विशेष शिक्षा व्यवस्था के लिए अहम न्यायिक हस्तक्षेप माना जा रहा है।

