BEML प्लांट, ग्रामीण सड़कें और बिजली कंपनी के बॉन्ड को हरी झंडी
राष्ट्रवाणी 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, डिजिटल सुशासन, औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन सहित सात अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी।
कैबिनेट ने पांच वर्ष की अवधि के लिए 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ AI मिशन को स्वीकृति दी। इसके तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी। साथ ही 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा शासन की 50 से अधिक सेवाओं को AI आधारित बनाया जाएगा।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी। राज्य में इस तरह का यह पहला उद्योग होगा, जिससे बड़े निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के पहले चरण को भी मंजूरी दी गई। इस प्रणाली से कार्य स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान और गुणवत्ता की निगरानी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण का रास्ता आसान होगा तथा सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है।
बैठक में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘अंजोर LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान स्वीकार करने का फैसला भी लिया गया। तीन वर्ष की इस परियोजना में राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा और इसके माध्यम से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, पीपीपी, ग्रीन फाइनेंस और विजन-2047 की परियोजनाओं को गति मिलेगी।
राज्य योजनाओं में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने का निर्णय भी लिया गया। इस व्यवस्था से योजनाओं की राशि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से सीधे हितग्राहियों या वेंडरों तक पहुंचेगी, जिससे निष्क्रिय राशि, गबन और बैंकिंग धोखाधड़ी पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी भी प्रदान की। इससे कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प मिलेंगे और राज्य के बिजली अवसंरचना विकास को गति मिलेगी।
