मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स करीब 595 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी में 170 अंक की बढ़त दर्ज की गई. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत का सिलसिला फिर से शुरू होने से बाजार ने तेजी दिखाई. बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 594.95 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,380.69 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 657.74 अंक तक चढ़ गया था.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 169.90 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 25,239.10 अंक पर बंद हुआ. बाजार में रौनक लौटने के पीछे का कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर फिर से बातचीत का सिलसिला शुरू होना रहा. भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए मंगलवार को बातचीत शुरू कर दी. इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से पहले एशियाई और अमेरिकी बाजारों में तेजी रही जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर पड़ा. सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, भारती एयरटेल और टाटा स्टील प्रमुख रूप से लाभ में रहीं. दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस शामिल हैं.
आगामी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय में प्रमुख ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत कटौती की उम्मीद और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फिर से शुरू होने को लेकर नई उम्मीद बंधने और अनुकूल वैश्विक संकेतों से घरेलू बाजार में सुधार का रुख रहा.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”नई जीएसटी दरों के लागू होने और त्योहारों के दौरान मांग की उम्मीद से वाहन और टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया.” व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.66 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मिडकैप में 0.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.
क्षेत्रवार सूचकांकों में सेवा खंड 1.67 प्रतिशत की बढ़त लेने में सफल रहा जबकि दूरसंचार खंड में 1.50 प्रतिशत, वाहन खंड में 1.43 प्रतिशत और प्रौद्योगिकी खंड में 1.05 प्रतिशत की तेजी रही. अकेले एफएमसीजी खंड में गिरावट दर्ज की गई. लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, ”वाहन, रियल्टी, वित्तीय शेयरों में तेजी के दम पर बाजार में बढ़त रही. व्यापार वार्ता से जुड़े आशावाद और अमेरिका में ब्याज दर कटौती की संभावना की इसमें भूमिका रही.” एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट सकारात्मक दायरे में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा.
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था. अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे.
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.55 प्रतिशत टूटकर 67.07 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,268.59 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे. सेंसेक्स सोमवार को 118.96 अंक नुकसान में रहा था जबकि निफ्टी में 44.80 अंक की गिरावट आई थी.

