कीव. यूक्रेन के दक्षिण-पश्चिमी ओडेसा क्षेत्र में ड्रोन हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. इसके साथ ही रूस ने देश की ऊर्जा अवसंरचना पर भी हमला करना जारी रखा. देश के आपातकालीन सेवा विभाग के अनुसार, रविवार तड़के यूक्रेन के काला सागर तट पर ओडेसा क्षेत्र में एक कार पार्किंग पर रूसी ड्रोन ने हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. ओडेसा के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह किपर ने बताया कि इस हमले में तीन अन्य लोग घायल हो गए.
रूस द्वारा जपोरिज्जिया क्षेत्र पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किए जाने के बाद अनेक निवासियों को बिजली के बिना रहना पड़ा.
क्षेत्रीय गवर्नर इवान फेडोरोव ने बताया कि हमलों में लगभग 60,000 लोगों को बिजली आपूर्ति के बाधित होने का सामना करना पड़ा और दो लोग घायल हुए. उन्होंने टेलीग्राम पर मलबे में बदली इमारतों की तस्वीरें पोस्ट कीं.
यूक्रेन के राष्ट्रीय ऊर्जा ऑपरेटर, उक्रेनेर्गो ने कहा कि यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर हमलों के परिणामस्वरूप, रविवार को कई क्षेत्रों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ा. हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के मनोबल को कमजोर करना तथा हथियार निर्माण और अन्य युद्ध-संबंधी गतिविधियों को बाधित करना है, जो रूस द्वारा अपने पड़ोसी देश पर पूर्ण आक्रमण के लगभग चार वर्ष बाद हुआ है.
विश्लेषकों और अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष रूस ने अपनी रणनीति बदल दी है और विशिष्ट क्षेत्रों तथा गैस अवसंरचना को निशाना बनाया है.
इस बीच, क्षेत्रीय अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस के तुआप्से बंदरगाह पर एक तेल टैंकर और बुनियादी ढांचे में आग लग गई. सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों में काला सागर बंदरगाह पर र्टिमनल संरचनाओं और एक टैंकर में आग की लपटें दिखाई दे रही हैं. ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से इन तस्वीरों की पुष्टि नहीं कर सका. तुआप्से में एक प्रमुख तेल निर्यात र्टिमनल और सरकारी स्वामित्व वाली रूसी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की एक रिफाइनरी स्थित है.

