राष्ट्रवाणी: आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। 13 साल… एक ऐसा इंतजार, जिसमें बस्तर ने अपने नेताओं, जवानों और आम नागरिकों को खोने का दर्द झेला। अब इसी इंतजार का मामला न्याय की दहलीज पर पहुंच चुका है। 25 मई 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले की सुनवाई अब अंतिम दौर में है। 10 अगस्त को अदालत में मामले की अंतिम बहस होगी। इसके बाद अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है या निर्णय की तारीख तय कर सकती है। बता दें कि इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चला है, जिनमें एक आरोपी की मौत हो चुकी है। अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए जा चुके हैं। गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के बाद अब दोनों पक्ष अपने अंतिम तर्क रखेंगे। दरअसल, झीरम हमले में कांग्रेस की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई थी। महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार समेत कई लोगों और पुलिस जवानों की जान गई थी। अब 13 साल बाद सवाल सिर्फ उस हमले की याद का नहीं, बल्कि उसके गुनहगारों तक कानून पहुंचने का है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश महासचिव और अधिवक्ता अवधेश कुमार झा का कहना है कि कांग्रेस लगातार झीरम मामले में न्याय की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा गवाहों की गवाही और परीक्षण-प्रतिपरीक्षण पूरा हो चुका है और मामला अब फैसले के स्तर पर पहुंच गया है। अब 10 अगस्त की अंतिम बहस के बाद देश की नजर अदालत के अगले कदम पर होगी।
Trending
- जीआरएसई ने जीएसआई – भारतीय पीएसयू के लिए दो तटीय अनुसंधान जहाजों के लिए प्रस्ताव तैयार किया
- 17 दिन में पूरा हो पाया था Zeenat Aman का एक सीन, पहले नहीं सुना होगा 70s की कल्ट फिल्म का किस्सा – राष्ट्रवाणी
- रायपुर के गुढियारी में डीजे पर विवाद, तोड़ा गया थाने का टीवी, भाजयुमो नेता पर दबंगई का आरोप – राष्ट्रवाणी
- डेनमार्क का कहना है कि रूसी युद्धपोत ने सैन्य हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की—जानें पूरा मामला – राष्ट्रवाणी
- महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह: राज्यपाल रमेन डेका – राष्ट्रवाणी
- जशपुर में जनजातीय पर्यटन को बड़ी सौगात, पीएम-जुगा के तहत क्लस्टर होमस्टे परियोजना को मिली मंजूरी – राष्ट्रवाणी
- Rashmika Mandana के हाथ लगा बड़ा प्रोजेक्ट! पर्दे पर ‘संगीत की रानी’ का रोल निभाते नजर आएंगी एक्ट्रेस – राष्ट्रवाणी
- Kamal Haasan और रति अग्निहोत्री में हुई थी अनबन, सेट पर रहते थे खफा-खफा; फिर भी शूट की पूरी फिल्म – राष्ट्रवाणी

