राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक में कृषि विभाग की जिला स्तरीय जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए खाद की कालाबाजारी और नियमों के गंभीर उल्लंघन का पर्दाफाश किया है। पाटन स्थित ‘मेसर्स कृषि सेवा केंद्र’ के संचालक रूपेश कश्यप के खिलाफ निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने और स्टॉक में भारी अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई वरिष्ठ उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन, पुष्पा रामटेके की आधिकारिक शिकायत के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार,13 जून 2026 को जिला स्तरीय जांच टीम ने पाटन स्थित उक्त कृषि सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। इस कार्रवाई को पुख्ता करने के लिए टीम के सदस्य रौनक सिन्हा ने आम ग्राहक बनकर दुकानदार से यूरिया और 20:20:0:13 उर्वरक की कीमतें पूछीं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दुकानदार द्वारा यूरिया का निर्धारित शासकीय मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी होने के बावजूद इसे 500 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बेचा जा रहा था। इसी प्रकार, 20:20:0:13 उर्वरक का निर्धारित शासकीय मूल्य 1500 रुपये प्रति बोरी था, जिसे बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। ग्राहक बने टीम सदस्य ने दो बोरी यूरिया और दो बोरी 20:20:0:13 उर्वरक की खरीदी की, जिसके भुगतान के रूप में फोन-पे के माध्यम से कुल 5000 रुपये वसूले गए। कैश मेमो में दर्ज राशि और डिजिटल भुगतान की गई राशि में भी स्पष्ट अंतर पाया गया। मामले की गहराई से जांच करने के लिए 15 जून को पुनः केंद्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन के स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया। 20:20:0:13 उर्वरक के भौतिक स्टॉक में 45 बोरी और पीओएस मशीन के स्टॉक में 67 बोरी का अंतर दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, दुकान के प्रदर्शन बोर्ड पर स्टॉक एवं निर्धारित दर प्रदर्शित नहीं करना, और निर्धारित कानूनी प्रारूप में कैश मेमो जारी न करना जैसी गंभीर अनियमितताएं भी पाई गईं। अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद कृषि विभाग की टीम ने सख्त कदम उठाते हुए केंद्र से कुल 12.33 टन अवैध उर्वरक जब्त किया। इसमें 10.08 टन यूरिया और 2.25 टन 20:20:0:13 उर्वरक शामिल है। विभाग ने इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का सीधा उल्लंघन माना है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी विवेचना शुरू कर दी है।

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