राष्ट्रवाणी: राज्य ब्यूरो, .रायपुर। नवा रायपुर के सेक्टर-32 में 54 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सरकारी इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा होने की संभावना है। करीब 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस आवासीय विद्यालय का निर्माण विगत चार वर्षों से जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्कूल किस शिक्षा बोर्ड से संचालित होगा, इस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा शिक्षकों की नियुक्ति, प्रवेश प्रक्रिया और संचालन व्यवस्था को लेकर भी सरकार को जल्द फैसला लेना होगा, ताकि भवन तैयार होने के बाद विद्यालय का संचालन शुरू किया जा सके। सितंबर-2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दावा किया था कि वर्ष-2023 से एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। कांग्रेस शासनकाल में परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 26 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। सरकार बदलने के बाद अतिरिक्त राशि समय पर स्वीकृत नहीं होने से ठेकेदार ने कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया था। बाद में आवश्यक वित्तीय स्वीकृतियां मिलने पर निर्माण दोबारा शुरू हुआ और अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का वर्चुअल शिलान्यास किया था। परियोजना के संचालन के लिए एक समिति गठित की गई थी, जिसके पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष स्कूल शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। समिति में सदस्य सचिव और अन्य सात सदस्य नियुक्त किए गए थे। स्कूल का निर्माण दो चरणों में प्रस्तावित था। पहले चरण में एकेडमिक भवन, प्रयोगशालाएं, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, डाइनिंग हाल, इनडोर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, हार्स राइडिंग सुविधा और खेल मैदान विकसित किए जाने थे। दूसरे चरण में आडिटोरियम विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और अन्य सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित था। विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल की वित्तीय और भौतिक प्रगति को लेकर प्रश्न लगाया था। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि परियोजना को पांच अक्टूबर 2021 को स्वीकृति मिली थी और 10 सितंबर 2022 से निर्माण कार्य शुरू हुआ। वर्तमान में करीब 70 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना की अनुमानित लागत 49.52 करोड़ रुपये है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। अब तक 35.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। स्कूल के संचालन के लिए किस शिक्षा बोर्ड को अपनाया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। विद्यालय में 700 विद्यार्थियों के अध्ययन और 328 विद्यार्थियों के आवास की वर्तमान में व्यवस्था है। इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग को तय करना है कि बोर्डिंग स्कूल का संचालन कौन करेगा। – चंदन कुमार, सीईओ, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण

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