राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुरः महासमुंद के बाल संप्रेषण गृह से दुष्कर्म समेत विभिन्न मामलों में निरुद्ध आठ किशोरों के फरार होने की घटना को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मीडिया की खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के डिविजन बेंच ने मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा पेश कर फरार किशोरों की तलाश, संप्रेषण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
Trending
- घरेलू हिंसा पर सामने आकर करें विरोध, बालिकाएं भी अपराध पर न रहें चुप: रतनपुर पुलिस की अनोखी पहल – राष्ट्रवाणी
- कग मोरनिनग नेवस : मुख्यमंत्री साय लेंगे विभागीय बैठक… 50 पदों पर भर्ती के लिए रोजगार मेला आज… कबसे 10वीं आंसर शीट स्कैन कॉपी के लिए आवेदन शुरू – राष्ट्रवाणी
- गुरुजी को चढ़ा ‘ज्ञान’ का नहीं, शराब का नशा! कोरबा के गांव में झूमते दिखे शिक्षक, 135 बच्चों की पढ़ाई ठप – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ प्रशासन में बड़ा फेरबदल, अब 3 साल से ज्यादा एक ही डेस्क पर जमे अफसर-कर्मचारियों की बदलेगी कुर्सी – राष्ट्रवाणी
- महासमुंद संप्रेषण गृह से 8 किशोर फरार, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान; मुख्य सचिव से मांगा जवाब – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ में टोल टैक्स महंगा… 10 प्लाजा पर 5 से 10 रुपये बढ़ा रेट, जानिए कहां-कहां लागू हुईं नई दरें – राष्ट्रवाणी
- बाल श्रम के लिए बाहर भेजने की साजिश नाकाम, सजपु की बड़ी सफलता, भाठागांव बस स्टैंड से निकले 16 बच्चे दुर्ग में सकुशल बरामद – राष्ट्रवाणी
- रेल यात्रियों का सफर होगा प्रभावित, सितंबर और अक्टूबर में रद रहेगी बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस – राष्ट्रवाणी

