नयी दिल्ली. इजराइल और ईरान के मध्य बढ.ते तनाव के बीच भारत ने बुधवार को ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू करने की घोषणा की. भारत द्वारा निकासी अभियान शुरू करने के बीच ही, तेहरान के केशवरज स्ट्रीट क्षेत्र में मेडिकल छात्रों के छात्रावास पर हुए हमले में कुछ भारतीय छात्रों के घायल होने की खबरें आईं.
दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि कुछ छात्रों के घायल होने के बाद, ईरानी विदेश मंत्रालय तेहरान में भारतीय मिशन के लगातार संपर्क में है. भारतीय पक्ष की ओर से इस कथित घटना पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई. विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है.” ईरान में 4,000 से अधिक भारतीय नागरिक रह रहे हैं और उनमें से आधे छात्र हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने उत्तरी ईरान से 110 भारतीय छात्रों को निकाला है, तथा मंगलवार को उन्हें सुरक्षित रूप से आर्मेनिया में प्रवेश करने में सहायता की है. ये छात्र भारतीय दूतावास के मार्गदर्शन में सड़क मार्ग से आर्मेनिया की राजधानी येरेवान पहुंचे.
विदेश मंत्रालय ने बताया, “ये छात्र येरेवान से 18 जून को अपराह्न दो बजकर 55 मिनट पर विशेष उड़ान से रवाना हुए और ऑपरेशन सिंधु के पहले चरण के तहत 19 जून की सुबह नयी दिल्ली पहुंचेंगे.” नयी दिल्ली ने ईरान और आर्मेनिया सरकारों का निकासी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए धन्यवाद भी जताया है.
इजराइल-इरान संघर्ष: भारतीयों को ला रही पहली निकासी उड़ान के बुधवार देर रात पहुंचने की उम्मीद
ईरान से भारतीय नागरिकों के एक जत्थे को वापस ला रही पहली उड़ान के बुधवार देर रात भारत पहुंचने की संभावना है.
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को एक बयान में कहा था कि भारतीय दूतावास द्वारा की गई व्यवस्था के माध्यम से तेहरान में भारतीय छात्रों को सुरक्षा कारणों से शहर से बाहर ले जाया गया.
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ईरान से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने वाली पहली उड़ान के आर्मेनियाई राजधानी येरेवन से बुधवार देर रात करीब दो बजे भारत पहुंचने की संभावना है. ईरान की राजधानी तेहरान पर इजराइल का भीषण हमला जारी है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना चाहता है. जम्मू कश्मीर छात्र संघ के अनुसार, उर्मिया मेडिकल यूनिर्विसटी के 110 भारतीय छात्र जिनमें से 90 कश्मीर घाटी के हैं, सीमा पार कर सुरक्षित रूप से आर्मेनिया पहुंच गए हैं.

