Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

आम की छांव में बदले सपनों के मायने : मुख्यमंत्री ने कहा—“अब करोड़पति दीदी बनने की सोचिए”

May 7, 2026

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश-आंधी, तापमान में गिरावट के बाद फिर बढ़ेगी गर्मी

May 7, 2026

आंख की सर्जरी के बाद आराम पर अक्षय कुमार, ‘भूत बंगला’ की सफलता के बीच सामने आई बड़ी अपडेट – |

May 7, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»International»भारत, बोत्सवाना ने चीता स्थानांतरण समझौते की घोषणा की; राष्ट्रपति मुर्मू ने अच्छी देखभाल की बात कही
International

भारत, बोत्सवाना ने चीता स्थानांतरण समझौते की घोषणा की; राष्ट्रपति मुर्मू ने अच्छी देखभाल की बात कही

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniNovember 12, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
भारत, बोत्सवाना ने चीता स्थानांतरण समझौते की घोषणा की; राष्ट्रपति मुर्मू ने अच्छी देखभाल की बात कही
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

गबोरोन (बोत्सवाना). भारत और बोत्सवाना ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राजकीय यात्रा के दौरान अफ्रीकी राष्ट्र से आठ चीतों को स्थानांतरित करने की योजना की औपचारिक घोषणा की. मुर्मू ने बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको और दुनिया के सबसे बड़े हीरा उत्पादक देशों में से एक के लोगों को इस सद्भावना के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वासन दिया, ”हम उनकी (चीतों की) अच्छी देखभाल करेंगे.” बोको ने कहा कि उनका देश बृहस्पतिवार को प्रतीकात्मक रूप से चीतों को ह्लमहामहिम (मुर्मू)” को सौंपेगा.

दोनों राष्ट्राध्यक्ष एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पकड़े गए आठ चीतों को मोकोलोडी प्राकृतिक अभयारण्य में एक पृथकवास परिसर में छोड़ा जाएगा, जो इन्हें ‘प्रोजेक्ट चीता’ के भाग के रूप में और वन्यजीव संरक्षण के लिए एक पारस्परिक पहल के तहत बोत्सवाना द्वारा भारत को प्रतीकात्मक रूप से सौंपे जाने का साक्ष्य होगा. कालाहारी रेगिस्तान स्थित घांजी शहर से इन चीतों को गबोरोन से 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित प्राकृतिक अभयारण्य में लाया गया है. बोत्सवाना चारों तरफ से जमीन से घिरा राष्ट्र है, जिसका 70 प्रतिशत भूभाग कालाहारी रेगिस्तान के दायरे में आता है.

मुर्मू ने कहा, ”मुझे यह जानकर विशेष खुशी हो रही है कि बोत्सवाना, भारत सरकार की एक अनूठी वन्यजीव संरक्षण पहल ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत में चीतों को फिर से भेजने जा रहा है.” उन्होंने यहां राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, ”मैं राष्ट्रपति और बोत्सवाना के लोगों की आभारी हूं कि वे अपने चीते भारत भेज रहे हैं. हम उनकी अच्छी देखभाल करेंगे.” मुर्मू मंगलवार को तीन-दिवसीय राजकीय यात्रा पर बोत्सवाना पहुंचीं. दक्षिणी अफ्रीका स्थित इस देश की किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली यात्रा है.

बोत्सवाना के राष्ट्रपति बोको ने कहा कि जैव विविधता सहयोग के एक भाग के रूप में, उपहारस्वरूप चीते सौंपने का कदम भारत में इनकी आबादी के ”पुनरुत्थान में सहायता” करेगा. दोनों राष्ट्र प्रमुखों ने दोनों पक्षों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद यह टिप्पणी की.

सत्रह सितंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान के एक विशेष बाड़े में छोड़ा था, जो एक बड़ी जंगली मांसाहारी प्रजाति के विश्व के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण को चिह्नित करता है.
बाद में, भारत ने फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते और मंगाए थे.

इस महत्वाकांक्षी पुनरुद्धार कार्यक्रम के तीन साल पूरे होने पर, देश में अब 27 चीते हैं, जिनमें से 16 भारतीय धरती पर जन्मे हैं. इनमें से 24 कुनो में और तीन गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य (जीएसडब्ल्यूएस) में हैं, जो मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच जिलों की सीमा पर स्थित है.

परियोजना शुरू होने के बाद से अब तक उन्नीस चीते- नौ आयातित वयस्क और भारत में जन्मे 10 शावक- विभिन्न कारणों से मर चुके हैं, जबकि कुनो में अब तक 26 शावक पैदा हो चुके हैं. अफ्रीका से 20 चीते आयात करने के बाद, भारत में वर्तमान में शुरुआती संख्या की तुलना में सात चीतों की वृद्धि हुई है. मुर्मू और बोको दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सहमति ज्ञापन (एमओयू) के आदान-प्रदान के भी साक्षी बने. मुर्मू ने कहा कि बोत्सवाना की उनकी यात्रा ह्लहमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर” है.

उन्होंने कहा, ”हमारी विकास साझेदारी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के आदर्शों पर आधारित है.” मुर्मू ने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच ”बहुआयामी” संबंध और मज.बूत होंगे. बोको ने कहा कि दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक और सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, क्योंकि भारत दवाओं, खासकर जेनेरिक दवाओं, के ”अग्रणी” निर्माताओं में से एक है.

उन्होंने कहा कि यह सहयोग औषधि क्षेत्र में भी होगा, ताकि उनके देश में गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें, जो बोत्सवाना के लिए ”गंभीर समस्या” का क्षेत्र है. बोको ने कहा, ”हम अपने संबंधों को मजबूत करेंगे और आपसी चिंता के क्षेत्रों में एकजुट होंगे.” उन्होंने बोत्सवाना के लोगों के कौशल को ब­ढ़ाने में भारत के सहयोग की भी सराहना की.

बोको ने मुर्मू की यात्रा को ”ऐतिहासिक”, ”महत्वपूर्ण” और ”उल्लेखनीय” घटना बताया, क्योंकि यह (यात्रा) दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 60 साल बाद हुई है. उन्होंने कहा, ”आपकी (राष्ट्रपति मुर्मू) यात्रा सबसे उपयुक्त समय पर हुई है. हम बोत्सवाना की अर्थव्यवस्था में बदलाव और अपने देश के पुनरुद्धार से संबंधित पहलों को मज.बूत करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेंगे.”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleऑफिस में प्रमोशन पार्टी का अनोखा अंदाज़! अधिकारी ने पकाया मुर्गा, लोग बोले—‘वाह सरकार!’
Next Article अनुशासित और समय के पाबंद होंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी- राज्यपाल डेका
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

International

पश्चिम एशिया में लंबे युद्ध की तैयारी कर रहा यूएस, भेजा 6500 टन गोला-बारूद; तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता

May 1, 2026
International

अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान पर बढ़ रहा दबाव, यूएस सेंट्रल कमान का दावा- तेहरान के रोके 38 जहाज

April 27, 2026
International

माली की राजधानी में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास गोलीबारी की आवाज सुनी गई

April 25, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202549 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202549 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202544 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202549 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202549 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202544 Views
Our Picks

आम की छांव में बदले सपनों के मायने : मुख्यमंत्री ने कहा—“अब करोड़पति दीदी बनने की सोचिए”

May 7, 2026

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश-आंधी, तापमान में गिरावट के बाद फिर बढ़ेगी गर्मी

May 7, 2026

आंख की सर्जरी के बाद आराम पर अक्षय कुमार, ‘भूत बंगला’ की सफलता के बीच सामने आई बड़ी अपडेट – |

May 7, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.