जोहानिसबर्ग: जी20 शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कई पोस्ट किए हैं, उन्होंने लिखा- जोहानिसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में हुए जी20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में मैंने हिस्सा लिया। यह सत्र समावेशी और सतत विकास पर केंद्रित था। अफ्रीका पहली बार जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है- ऐसे में अब सही समय है कि हम अपने विकास के मापदंडों को फिर से सोचें और ऐसा विकास चुनें जो सबको साथ लेकर चले और धरती के संतुलन को बनाए रखे। भारत के प्राचीन विचार, खासकर समग्र मानववाद का सिद्धांत, हमें आगे का रास्ता दिखाता है।
मैंने कुछ ठोस सुझाव रखे ताकि सर्वांगीण विकास का सपना सच हो सके। सबसे पहले- जी20 ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी बनाने का प्रस्ताव। भारत के पास पारंपरिक ज्ञान का विशाल खजाना है। यह पहल हमारी सामूहिक बुद्धि को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करेगी और बेहतर स्वास्थ्य व जीवनशैली का मार्ग खोलेगी। अफ्रीका की प्रगति, दुनिया की प्रगति है। भारत हमेशा अफ्रीका के साथ खड़ा रहा है। मुझे गर्व है कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान ही अफ्रीकन यूनियन को जी20 में स्थायी सदस्यता मिली। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, भारत ने जी20 – अफ्रीका कौशल गुणक पहल का प्रस्ताव रखा है। हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए कि आने वाले दस वर्षों में अफ्रीका में 10 लाख प्रमाणित प्रशिक्षकों को तैयार किया जाए।
भारत ने जी20 वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया टीम बनाने का भी सुझाव दिया है। स्वास्थ्य संकटों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना हम मिलकर ही बेहतर कर सकते हैं। उद्देश्य यह होना चाहिए कि जी20 देशों के प्रशिक्षित मेडिकल विशेषज्ञों की टीमें तैयार रहें, जिन्हें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत भेजा जा सके। ड्रग तस्करी, खासकर फेंटानिल जैसे खतरनाक पदार्थों के फैलाव से निपटने के लिए भारत ने जी20 पहल ऑन काउंटरिंग द ड्रग-टेरर नेक्सस का प्रस्ताव रखा है। आइए मिलकर इस भयावह नशा-आतंक गठजोड़ को कमजोर करें!

