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Home»International»मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की
International

मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniNovember 23, 2025No Comments6 Mins Read
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मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की
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जोहानिसबर्ग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जोहानिसबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, खनन, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और खाद्य सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की.

मोदी ने रामफोसा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “जोहानिसबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ बहुत शानदार बैठक हुई.” उन्होंने लिखा, “हमने भारत-दक्षिण अफ्रीका साझेदारी के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की, खास तौर पर वाणिज्य, संस्कृति, निवेश के मामले में संबंधों को ब­ढ़ावा देने तथा प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिजों आदि क्षेत्रों में सहयोग में विविधता लाने पर.” मोदी ने रामफोसा को जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी. उन्होंने नयी दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में लिए गए फैसलों को आगे ब­ढ़ाने और उन पर अमल करने के लिए दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में जी-20 में किए गए प्रयासों की सराहना भी की.

दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीका में आयोजित होने वाले पहले जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ जी20 में शामिल हुआ था. इससे पहले, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति रामफोसा के साथ एक “गर्मजोशी भरी और उपयोगी” बैठक की.

जायसवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों को ब­ढ़ावा देने के लिए युवा प्रतिनिधिमंडलों का आदान-प्रदान शुरू करने पर चर्चा की.” विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों के ऐतिहासिक आधार को याद करते हुए दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा व्यापार एवं निवेश, खाद्य सुरक्षा, कौशल विकास, खनन, युवा आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष जताया.
बयान में कहा गया है कि मोदी और रामफोसा ने एआई, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग ब­ढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.

इसमें कहा गया है कि दोनों नेताओं ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय कंपनियों की ब­ढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और खास तौर पर बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, खनन एवं स्टार्ट-अप क्षेत्रों में आपसी निवेश को सुविधाजनक बनाने पर सहमति जताई.
बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीकी चीतों को भारत में स्थानांतरित करने के लिए राष्ट्रपति रामफोसा को धन्यवाद दिया और उन्हें भारत के नेतृत्व वाले ‘इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को बुलंद करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई. ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है, जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित या अविकसित के रूप में जाना जाता है. ये देश मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं. बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आईबीएसए नेताओं की बैठक आयोजित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका की ओर से की गई पहल की सराहना की. इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति रामफोसा ने 2026 में भारत की ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए दक्षिण अफ्रीका के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया.

यह प्रधानमंत्री मोदी की दक्षिण अफ्रीका की चौथी आधिकारिक यात्रा है. इससे पहले, वह 2016 में द्विपक्षीय यात्रा पर दक्षिण अफ्रीका गए थे और बाद में 2018 तथा 2023 में दो बार ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंचे थे. दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीकी इलाके में भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है. 2023-24 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 19.25 अरब अमेरिकी डॉलर का था. भारतीय उद्योगों ने अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 के बीच दक्षिण अफ्रीका में 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का निवेश किया. ये निवेश फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव, बैंकिंग और खनन जैसे क्षेत्रों में किए गए.

शनिवार को जी-20 शिखर सम्मेलन स्थल पर पहुंचने पर मोदी ने कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को “उनका गर्मजोशी से स्वागत करने और इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हैं.” जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक विकास मानदंडों पर गहन पुर्निवचार का आ”ान किया और मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए जी-20 पहल तथा एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का प्रस्ताव दिया. मोदी जी20 नेताओं के 20वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 21 से 23 नवंबर तक जोहानिसबर्ग की यात्रा पर हैं.

रामफोसा ने जी20 की मेजबानी पर मोदी से कहा, आपको बताना चाहिए था कि यह मुश्किल काम है

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने रविवार को द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा “आपको हमें बताना चाहिए था कि यह (जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी) इतना मुश्किल काम है, शायद हम भाग जाते.” दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीका में आयोजित हो रहे पहले जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. भारत-दक्षिण अफ्रीका प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में अपने उद्घाटन भाषण में, राष्ट्रपति रामफोसा ने जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी में भारत के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया.

रामफोसा ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा, “जी-20 की मेजबानी में दक्षिण अफ्रीका को भारत द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद…आपको हमें बताना चाहिए था कि यह इतना कठिन काम है, शायद हम भाग जाते.” मोदी और वहां मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उनकी इस टिप्पणी पर हंस पड़े. रामफोसा ने कहा कि उनके देश ने जी-20 की मेजबानी के बारे में भारत से बहुत कुछ सीखा है.

रामफोसा ने कहा, “जी-20 की आपकी मेज.बानी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला…आपकी मेजबानी शानदार रही…हमारी मेज.बानी वाकई बहुत छोटी है.” इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत जवाब दिया, “छोटा हमेशा खूबसूरत होता है.”

प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 के इतर कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर जमैका और नीदरलैंड के अपने समकक्षों सहित कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट के जरिए अपनी मुलाकातों का ब्यौरा साझा किया.

जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस के साथ बातचीत के बाद, मोदी ने कहा कि भारत और जमैका ”ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों से समृद्ध मित्रता से बंधे हैं.” उन्होंने कहा, ”सामूहिक प्रगति के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ हमारी साझेदारी लगातार ब­ढ़ रही है.” नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ के साथ बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने जल संसाधन, नवाचार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”जल संसाधन, नवाचार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी तेजी से ब­ढ़ रही है. हम आने वाले समय में व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने के लिए काम करते रहेंगे.” मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जीवा से भी बातचीत की. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ”जोहानिसबर्ग जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जीवा से बातचीत की.” मोदी जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जोहानिसबर्ग में हैं.

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