राष्ट्रवाणी, 23 मई 2026। । सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड के ग्राम पंचायत कुनिया के जंगलपारा में रहने वाली एक महिला अपनी 90 वर्षीय सास को हर महीने पीठ पर उठाकर करीब 9 किलोमीटर दूर बैंक ले जाने को मजबूर है, ताकि उन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिल सके।
जानकारी के मुताबिक, सुखमुनिया बाई अपनी वृद्ध सास को लेकर दुर्गम पहाड़ी रास्तों, जंगलों और नदी-नालों को पार करते हुए नर्मदापुर स्थित सेंट्रल बैंक पहुंचती हैं। वृद्ध महिला चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं, लेकिन बैंक में फिंगरप्रिंट और भौतिक सत्यापन अनिवार्य होने के कारण उन्हें स्वयं उपस्थित होना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले गांव में ही पेंशन राशि का वितरण हो जाता था, जिससे बुजुर्गों को राहत मिलती थी। लेकिन अब बैंक प्रक्रिया अनिवार्य होने से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के बुजुर्गों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है। भीषण गर्मी और कठिन रास्तों के बावजूद बहू अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हर महीने यह कठिन सफर तय कर रही हैं।

