राष्ट्रवाणी: सत्या राजपूत, रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार देर शाम को हुई तेज बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। महज एक घंटे की बारिश में शहर के कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। शंकर नगर क्षेत्र में हालात इतने बिगड़ गए कि नालियों का गंदा पानी सड़कों से होते हुए लोगों के घरों और अपार्टमेंट परिसरों तक पहुंच गया। जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ जमकर आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने कहा कि नगर निगम सफाई, पानी, नाली के नाम पर वसूली कर रही है। पैसा देने में लेट हो जाए तो पेनाल्टी लगाते हैं। अब ऐसी स्थिति में महापौर और तमाम जनप्रतिनिधि को इस्तीफा दे देना चाहिए। शंकर नगर के आस्था अपार्टमेंट सहित आसपास के रहवासियों का कहना है कि बारिश का पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर घंटों जमा रहता है और घरों में भी घुस जाता है। यह समस्या पहली बार नहीं हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश का पानी उतरने के बाद भी कई दिनों तक इलाके में गंदगी और बदबू बनी रहती है। कोई सुनने वाला नहीं है। अब लगता है कि आवेदन, निवेदन से बात नहीं बनेगी। इसके लिए भी हड़ताल करना पड़ेगा तब जाकर नाली और पानी निकासी की व्यवस्था बनेगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछली बार हुए जलभराव के दौरान करीब तीन दिनों तक कई वाहन पानी में डूबे रहे थे। सिर्फ आस्था अपार्टमेंट में ही 30 से 40 गाड़ियां खराब हुई थी। अब दोबारा जलभराव होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल है, नौकरी और काम पर जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। यहां तक कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सब्जी लेने जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में बार-बार सड़क के ऊपर नई परत डाल दी जाती है, लेकिन जल निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाती। सालभर में सड़क की ऊंचाई बढ़ती जा रही है, जबकि नाली और पानी निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि महापौर, विधायक, सांसद और मंत्री समेत तमाम जनप्रतिनिधि राजधानी में रहते हैं, लेकिन उनके इलाकों में इस तरह का जलभराव और गंदगी क्यों नहीं दिखाई देती? लोगों ने जनप्रतिनिधियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने और समाधान कराने की मांग की। जलभराव से परेशान लोगों ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब केवल आवेदन और शिकायत से काम नहीं चलेगा। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जलभराव और गंदगी के बीच जवाब मांगेंगे। रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी जलभराव को लेकर नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फाइलों में नालियों की सफाई हो रही है, लेकिन जमीन पर नालियों की सफाई नहीं हुई। आकाश तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नालियों की सफाई के नाम पर खर्च होने वाले पैसों में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने महापौर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महापौर बैठकों में अधिकारियों को निर्देश देती हैं, लेकिन अधिकारी उनकी बात नहीं मानते। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती इसका मतलब महापौर की भी मिलीभगत है।
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