सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की स्वायत्तता और मनमानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल उठाया है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (National Sports Governance Act) के दायरे में बीसीसीआई को क्यों नहीं लाया जाना चाहिए।
देश की सबसे अमीर खेल संस्था खुद को सरकारी नियमों से ऊपर समझती आई है। सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी से क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। पारदर्शिता, डोपिंग और प्रशासनिक जवाबदेही से बचने की BCCI की कोशिशों को कोर्ट ने सीधे चुनौती दी है।
अरबों रुपये कमाने वाला बोर्ड खुद को कानून से ऊपर नहीं समझ सकता। सुप्रीम कोर्ट का यह रुख खेल में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

