राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गत दो दिनों से हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विभिन्न निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण विद्युत सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
किसी भी संभावित विद्युत हादसे या जनहानि को रोकने के लिए बिजली विभाग ने कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। विभाग ने अमलेश्वर और रानीतराई वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 20 ट्रांसफार्मरों की सप्लाई पूरी तरह रोक दी है। अधिकारियों के मुताबिक यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है, तो सुरक्षा के मद्देनजर कुछ अन्य ट्रांसफार्मरों को भी बंद किया जा सकता है।
लगातार बारिश और जलभराव के चलते अमलेश्वर वितरण केंद्र के जमराव गांव में तीन ट्रांसफार्मर और अमलेश्वर में एक ट्रांसफार्मर बंद किया गया है। वहीं रानीतराई वितरण केंद्र के तहत केसरा सब स्टेशन से निकलने वाले 11 केवी केसरा फीडर को प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर बंद कर दिया गया। इस फीडर के बंद होने से केसरा और बोरेंदा जैसे ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति ठप हो गई है।
इसके अलावा कोस्टा रिसॉर्ट, डांडेसरा, नगपुरा, गुंडरदेही, गोविंद राइस मिल, मोंगरी, मनहोरा, सांकरी और फुलझर क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर बाढ़ की चपेट में हैं। मेंटेनेंस टीमें जलमग्न इलाकों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। दुर्ग जिले से गुजरने वाली शिवनाथ नदी और कुम्हारी के पास खारून नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है।
नदी किनारे बसे संवेदनशील गांवों और बस्तियों में विद्युत विभाग द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और तकनीकी जांच पूरी नहीं होती, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी। विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे टूटे तारों, खंभों और जलमग्न उपकरणों के पास न जाएं। मवेशियों की सुरक्षा के लिए बाड़ में करंट न छोड़ें और अनधिकृत हुकिंग से बचें। आपात स्थिति में तत्काल टोल फ्री नंबर 1912 या मोर बिजली ऐप पर सूचना दें।

