राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में रेल पटरियों के आधुनिकीकरण और सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नान-इंटरलाकिंग कार्य शुरू किया गया है। रेलवे अवसंरचना के इस अनिवार्य तकनीकी विकास के चलते यात्री रेल यातायात पर व्यापक असर पड़ा है।
दक्षिण मध्य रेलवे के अनुसार परिचालन संबंधी आवश्यकताओं और लाइन विस्तार कार्यों को देखते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों की कुल छह लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को आगामी दिसंबर माह की निर्धारित तारीखों पर रद करने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा लगातार सिग्नलिंग प्रणाली और रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नान-इंटरलाकिंग कार्य ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण चरण होता है। हालांकि इस दौरान ट्रैक और सिग्नलिंग पर तकनीकी ब्लॉक लिए जाने के कारण ट्रेनों का सुचारू संचालन संभव नहीं हो पाता। इसी के तहत दिसंबर के पहले और दूसरे पखवाड़े में यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा गाड़ियों का परिचालन निरस्त किया गया है।
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार निम्नलिखित गाड़ियां अपने प्रारंभिक स्टेशनों से निरस्त रहेंगी: ट्रेन संख्या 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस 10 दिसंबर को तथा ट्रेन संख्या 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस 13 दिसंबर को रद रहेगी। ट्रेन संख्या 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस सात व 14 दिसंबर को, जबकि ट्रेन संख्या 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस 10 व 17 दिसंबर को नहीं चलेगी।
ट्रेन संख्या 17321 वास्को डी गामा-जसीडीह एक्सप्रेस 11 दिसंबर को और ट्रेन संख्या 17322 जसीडीह-वास्को डी गामा एक्सप्रेस 14 दिसंबर को पूर्णतः निरस्त रहेगी। अचानक ट्रेनों के निरस्त होने से बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और गोवा रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले हेल्पलाइन 139 अथवा नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) पोर्टल व मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति अवश्य जांच लें।

