राष्ट्रवाणी: भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में तनाव, चिंता और काम का दबाव बेहद आम हो चुका है. ऐसे में लोग मानसिक शांति और बेहतर सेहत के लिए तरह-तरह के योग और एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे सनातन धर्म में सदियों से मौजूद ओम का जाप आपको एक स्वस्थ जीवन दे सकता है?
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ अब आधुनिक विज्ञान और मेडिकल रिसर्च भी सुबह उठकर ओम का जाप करने से होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभों की पुष्टि कर रहे हैं. सुबह का समय अध्यात्म और साधना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. यदि आप रोज सुबह उठकर सिर्फ 10 से 15 मिनट पूरी श्रद्धा के साथ ओम का उच्चारण करते हैं, तो यह आपके पूरे शरीर को भीतर से रिचार्ज कर देता है. आइए जानते हैं कि रोजाना सुबह ओम का जाप करने से आपकी सेहत को क्या-क्या बड़े फायदे मिलते हैं. आज के समय में तनाव सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं बनकर उभरी हैं. जब आप सुबह शांत मन से बैठकर ओम का उच्चारण करते हैं, तो इससे निकलने वाली ध्वनि तरंगे आपके मस्तिष्क को शांत करती हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ओम का जाप करने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर तेजी से कम होता है. यह ध्वनि हमारे दिमाग के नर्वस सिस्टम को संतुलित करती है, जिससे अचानक आने वाले गुस्से, घबराहट और मानसिक अस्थिरता पर पूरी तरह लगाम लगती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, जब हम ओम शब्द के ‘म’ भाग का लंबा उच्चारण करते हैं, तो हमारे सिर और गले में एक गहरी कंपन पैदा होती है. यह कंपन हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण तंत्रिका यानी वेगस नर्व को एक्टिव कर देती है. वेगस नर्व सीधे हमारे हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र को नियंत्रित करती है. इसके एक्टिव होने से दिल की धड़कन सामान्य होती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. ओम का सही तरीके से उच्चारण करने के लिए गहरी सांस लेनी पड़ती है और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए ध्वनि निकाली जाती है. यह प्रक्रिया एक बेहतरीन ब्रीदिंग एक्सरसाइज की तरह काम करती है. इससे हमारे फेफड़ों की ऑक्सीजन सोखने की क्षमता काफी बढ़ जाती है. सुबह के समय ताजी हवा में इसका अभ्यास करने से शरीर से जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है और फेफड़े मज़बूत होते हैं, जिससे श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है. विद्यार्थियों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए सुबह ओम का जाप करना किसी वरदान से कम नहीं है. ध्यान लगाकर ओम बोलने से मस्तिष्क के न्यूरॉन्स एक्टिव होते हैं, जिससे फोकस करने की क्षमता और याददाश्त बेहतर होती है. यह ध्वनि मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में तालमेल बिठाती है, जिससे रचनात्मक सोच और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है. अगर आपको रात में ठीक से नींद नहीं आती या आप बार-बार जाग जाते हैं, तो सुबह नियमित रूप से ओम का जाप शुरू कर दीजिए. यह आंतरिक ध्वनि मन को विचारों के जाल से मुक्त कर पूरी तरह से रिलैक्स मूड में ले आती है. इसके नियमित अभ्यास से स्लीप साइकिल सुधरता है और रात में बिना किसी दवा के गहरी और शांतिपूर्ण नींद आती है. Check out below Health Tools-Calculate Your Body Mass Index ( BMI ) Calculate The Age Through Age Calculator निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
