राष्ट्रवाणी: आजकल ज्यादातर Android स्मार्टफोन में फोन अनलॉक करने के लिए फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक जैसे बायोमेट्रिक फीचर्स मिलते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बायोमेट्रिक सिस्टम की सिक्योरिटी एक जैसी नहीं होती? Android में बायोमेट्रिक सिक्योरिटी को तीन अलग-अलग क्लास में बांटा गया है. इनका लेवल इस बात पर निर्भर करता है कि सिस्टम को नकली बायोमेट्रिक से कितना आसानी से धोखा दिया जा सकता है और आपका डेटा कितना सुरक्षित रखा जाता है. पहला लेवल Class 1 है जिसे पहले Convenience के नाम से जाना जाता था. इसका मकसद फोन को जल्दी और आसानी से अनलॉक करना है. इसमें सिस्टम की Spoof Acceptance Rate यानी SAR 30 प्रतिशत से कम होनी चाहिए. इस लेवल पर फोन को हर 24 घंटे में, चार घंटे तक इस्तेमाल न करने के बाद या लगातार तीन बार गलत बायोमेट्रिक प्रयास होने पर दोबारा PIN, पासकोड या दूसरे Primary Authentication की जरूरत पड़ती है. हालांकि इसकी एक बड़ी सीमा यह है कि इसे ऐप्स के अंदर ऑथेंटिकेशन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. दूसरा लेवल Class 2 है जिसे पहले Weak कहा जाता था. यहां SAR 20 प्रतिशत से कम होना जरूरी है. इस सिस्टम में बायोमेट्रिक डेटा को एन्क्रिप्ट किया जाता है और मैचिंग को एक अलग सुरक्षित वातावरण में किया जाता है. इसका फायदा यह है कि Class 2 बायोमेट्रिक का इस्तेमाल केवल फोन अनलॉक करने के लिए ही नहीं बल्कि ऐप्स में ऑथेंटिकेशन के लिए भी किया जाता है. यानी बैंकिंग या दूसरे संवेदनशील ऐप्स में इसका इस्तेमाल होता है. तीसरा और सबसे मजबूत लेवल Class 3 है. इसमें SAR 7 प्रतिशत से कम होना चाहिए. इस लेवल पर क्रिप्टोग्राफिक कीज ऑपरेटिंग सिस्टम को दिखाई नहीं देतीं है जिससे सिक्योरिटी का लेवल और बढ़ जाता है. दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा Android डिवाइसों में गूगल Pixel 8 और उसके बाद के Pixel मॉडल फेस स्कैन के लिए Class 3 रेटिंग हासिल करते हैं. इनके फेस अनलॉक सिस्टम में मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है जिससे फोटो या वीडियो के जरिए सिस्टम को धोखा देना मुश्किल हो जाता है. आपको बता दें कि फेस अनलॉक सुविधाजनक जरूर है लेकिन हर फोन का फेस रिकग्निशन सिस्टम एक जैसे लेवल की सुरक्षा नहीं देता है. कुछ डिवाइस यह भी चेक करते हैं कि यूजर सच में स्क्रीन की तरफ देख रहा है या नहीं. दूसरी तरफ, फिंगरप्रिंट स्कैनर को नकली तरीके से मात देना भी संभव है, हालांकि इसके लिए ज्यादा एक्सपीरिएंस की जरूरत होती है. बताते चलें कि सिर्फ बायोमेट्रिक ही नहीं, फोन का बैकअप लॉक भी जरूरी होता है. Android का 3×3 Pattern Lock देखने में चार अंकों के PIN से ज्यादा ऑप्शन देता है लेकिन यूजर्स अक्सर पैटर्न की शुरुआत ऊपर-बाएं कोने से करते हैं. इसी वजह से कई पैटर्न अनुमान लगाकर तोड़े जा सकते हैं. अगर आपको फोन की सुरक्षा और मजबूत करनी है तो Android का Lockdown Mode फायदेमंद साबित हो सकता है. इसे एक्टिव करने पर बायोमेट्रिक अनलॉक बंद हो जाता है, USB कनेक्शन रोका जाता है और नोटिफिकेशन भी अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाते हैं. इसके अलावा Extend Unlock, Trusted Places और On-body Detection जैसे फीचर्स को बंद करना भी सुरक्षा बढ़ा सकता है. भारत में मोबाइल यूजर्स की संख्या 1.29 अरब के पार!
अगस्त में जुड़े 55 लाख नए ग्राहक स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, एआई अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है. टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं. इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

