राष्ट्रवाणी: संजय दत्त ने अपने ‘भारत में शांति महसूस नहीं होती’ वाले बयान पर सफाई दी है, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। संजय दत्त ने ‘भारत में शांति नहीं’ बयान पर दी सफाई अभिनेता ने कहा कि उनका बयान स्क्रिप्टेड था एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) बीते दिनों शेखर सुमन (Shekhar Suman) के पॉडकास्ट में नजर आए थे।
यहां उन्होंने एक बात बोली थी जिसको लेकर काफी बवाल मचा हुआ है। दरअसल संजय दत्त ने कहा था कि उन्हें इंडिया में अब पीस नहीं मिलता। अब तमाम आलोचनाओं के बाद एक्टर ने इस पर अपनी सफाई दी है।
कई यूजर्स ने उनके बयान पर सवाल उठाए थे और अपनी नाराजगी जाहिर की थी। एक्टर ने बताया था कि वह भारतीयों के स्नेह और मेहमाननवाजी की कितनी कद्र करते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अब काफी कुछ बदल गया है। संजय दत्त ने कहा था कि उन्हें लगता है कि उन्हें इस देश में अब शांति नहीं मिल सकती।
उनकी इन बातों पर सोशल मीडिया पर तुरंत प्रतिक्रियाएं आने लगीं, जिसके बाद उन्हें इस विवाद पर अपनी बात रखनी पड़ी। I would like to clarify that it was never my intention to hurt, offend, or disrespect the sentiments of any individual, community, or institution. My remarks were made in the context of a scripted conversation intended to be light-hearted and humorous. The spirit behind them was similar to the humour and satire seen in films like Munna Bhai, particularly the concept of ‘Gandhigiri,’ which was intended to convey a message of love, warmth, togetherness, and goodwill. Unfortunately, my words were interpreted outside of that intended context. सोशल मीडिया पर बात रखते हुए दत्त ने साफ किया कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया।
संजय दत्त ने कहा कि उनका मकसद किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना या उनका अनादर करना नहीं था। एक्टर ने एक्स पर लिखा, ‘मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मेरा मकसद कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, नाराज करना या उनका अनादर करना नहीं था।’ Sanjay Dutt: “Ek peace hona chahiye, I can’t feel that peace anymore in India.” But what kind of “peace” is he talking about?
If there is no peace in India, then where is it? In our neighbouring countries? उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी बातें एक पहले से तय बातचीत (स्क्रिप्ट) के हिसाब से कही गई थीं, जिसका मकसद हल्का-फुल्का और मजाकिया अंदाज रखना था।’ उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्य से उनकी बातों का मतलब उस संदर्भ से हटकर निकाला गया, जिसमें वे कही गई थीं।
संजय आने वाले समय में ‘खलनायक रिटर्न्स’ में नजर आएंगे, जो उनकी 1993 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘खलनायक’ का सीक्वल है।

