राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर: सीपत सर्किल के मंजूरपहरी गांव में चीतल के पके मांस के साथ गिरफ्तार किए गए दो आरोपितों में से एक को जेल में दाखिल कराने को लेकर बुधवार को वन विभाग और जेल प्रबंधन के बीच करीब तीन घंटे तक खींचतान चली। जेल प्रबंधन ने आरोपित चैन सिंह की स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए उसे लेने से इन्कार कर दिया।
वन अमले ने न्यायालय का रिमांड आदेश भी दिखाया, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद रात करीब 10:30 बजे आरोपित को जेल में दाखिल किया जा सका। दरअसल, वन विभाग ने मंगलवार को मंजूरपहरी गांव से राजकुमार और चैन सिंह को चीतल के पके मांस के साथ गिरफ्तार किया था।
कागजी कार्रवाई के बाद दोनों का मुलाहिजा कराने के लिए सिम्स ले जाया गया। जांच के दौरान चैन सिंह का शुगर स्तर बढ़ा हुआ मिला। चिकित्सकों की सलाह पर उसे सिम्स में भर्ती कराया गया।
पूरी रात इलाज के बाद बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद शाम चार बजे दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
शाम करीब 5:30 बजे वन विभाग की टीम दोनों आरोपितों को लेकर जेल पहुंची। राजकुमार को जेल प्रबंधन ने दाखिल कर लिया, लेकिन चैन सिंह को लेने से मना कर दिया। प्रबंधन ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि पहले उसका पूरा इलाज कराया जाए।
इसके बाद वन अमला उसे दोबारा सिम्स लेकर गया और रात करीब 9:30 बजे फिर जेल पहुंचा। इसके बावजूद दाखिले में आनाकानी हुई। वन अधिकारियों ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पूरी स्थिति बताई।
इसके बाद रात करीब 10:30 बजे चैन सिंह को जेल में दाखिल किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपितों को जेल दाखिल कराने के लिए वन अमला केंद्रीय जेल पहुंचा था। जेल प्रबंधन ने एक आरोपित को दाखिल कर लिया, लेकिन दूसरे आरोपित को लेने से इन्कार कर दिया।
प्रबंधन को मामले की स्थिति से अवगत कराते हुए समझाया गया और न्यायालय का आदेश भी दिखाया गया। इसके बाद भी दाखिले को लेकर सहमति नहीं बन पाई। करीब तीन घंटे की चर्चा और समझाइश के बाद रात लगभग 10:30 बजे जेल प्रबंधन आरोपित को दाखिल करने के लिए सहमत हुआ।
नीरज डीएफओ, बिलासपुर वनमंडल

