राष्ट्रवाणी: How To Remove Stuck Photos From Album: फोटो एलबम में रखी पुरानी तस्वीरें सिर्फ कागज पर छपी तस्वीरें नहीं होतीं, बल्कि उनसे परिवार की यादें, खास पल और कई पुरानी कहानियां जुड़ी होती हैं. लेकिन समय बीतने के साथ एलबम के पन्ने कमजोर होने लगते हैं और तस्वीरों को चिपकाने वाला गोंद भी सूखकर सख्त हो सकता है. ऐसे में कई बार तस्वीरें एलबम के पन्नों से इस तरह चिपक जाती हैं कि उन्हें निकालना काफी मुश्किल हो जाता है. अगर आपके पुराने फोटो एलबम के पन्ने आपस में चिपक गए हैं या तस्वीरें पन्ने से चिपकी हुई हैं, तो उन्हें जल्दबाजी में खींचकर निकालने की कोशिश न करें. इससे तस्वीर फट सकती है और हमेशा के लिए खराब हो सकती है. सबसे पहले हर पन्ने की फोटो या स्कैन बना लें पुरानी तस्वीरों को अलग करने से पहले एहतियात के तौर पर एलबम के हर पन्ने की साफ फोटो खींच लें या उसे स्कैन कर लें. इसके लिए अच्छी रोशनी वाली जगह चुनें. ऐसा करने से अगर किसी तस्वीर को निकालते समय नुकसान हो भी जाए, तो आपके पास उसका डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद रहेगा. काम करने के लिए साफ और सपाट जगह चुनें. रोशनी पर्याप्त हो, लेकिन तस्वीरों पर सीधी तेज रोशनी न पड़ रही हो. तस्वीरों को छूने से पहले हाथ साफ कर लें. अगर आपके पास मुलायम कॉटन ग्लव्स हैं, तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता है. एलबम के पन्नों और तस्वीरों को ध्यान से देखें. अगर कागज बहुत नाजुक है, किनारे टूट रहे हैं या तस्वीर की सतह पर चमकदार परत उभर रही है, तो ज्यादा सावधानी की जरूरत होगी. पहले समझें कि तस्वीर किस तरह चिपकी है हर एलबम में तस्वीरों को एक ही तरीके से नहीं चिपकाया जाता. कुछ पुराने एलबम में चिपचिपे या ‘मैग्नेटिक’ पन्ने होते हैं, जिनके ऊपर पारदर्शी प्लास्टिक की परत लगी होती है. समय के साथ इन पन्नों का गोंद पीला या सख्त हो सकता है और तस्वीर के पीछे मजबूती से चिपक सकता है. कुछ एलबम में फोटो को सीधे पन्ने पर गोंद से चिपकाया जाता है. वहीं कई जगह फोटो टैब या छोटे डबल-साइडेड चिपकने वाले टुकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. इनके अलावा कॉर्नर माउंट वाले एलबम भी होते हैं, जिनमें तस्वीर सिर्फ कोनों में लगी होती है और उसे अपेक्षाकृत आसानी से निकाला जा सकता है. तस्वीर निकालने के लिए इन चीजों की मदद लें तस्वीर को खींचने के बजाय उसे धीरे-धीरे अलग करने के लिए डेंटल फ्लॉस या बिना वैक्स वाला धागा इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा पतली माइक्रो-स्पैचुला, प्लास्टिक कार्ड या बोन फोल्डर भी काम आ सकता है. चिमटी और मुलायम कॉटन ग्लव्स भी उपयोगी हो सकते हैं. तस्वीर का जो हिस्सा अलग हो जाए, उसके नीचे सिलिकॉन रिलीज पेपर या बेकिंग पेपर रखा जा सकता है. इससे वह हिस्सा दोबारा चिपकने से बच जाएगा. ध्यान रखें कि इस्तेमाल किए जा रहे सभी उपकरण साफ हों और तस्वीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े. तस्वीर को निकालते समय सबसे पहले उसके किसी एक कोने को चुनें. अगर संभव हो तो शुरुआत किसी कम महत्वपूर्ण तस्वीर से करें. डेंटल फ्लॉस को तस्वीर के किनारे के नीचे बहुत धीरे से डालें और उसे हल्के-हल्के आगे-पीछे करते हुए अंदर की तरफ ले जाएं. इसका मकसद तस्वीर को ऊपर खींचना नहीं, बल्कि चिपके हुए हिस्से को धीरे-धीरे अलग करना है. अगर किसी जगह ज्यादा रुकावट महसूस हो तो जोर न लगाएं. कुछ मिलीमीटर आगे बढ़ने के बाद रुके हुए हिस्से को दोबारा देखें और जरूरत के मुताबिक दूसरी तरफ से कोशिश करें. तस्वीर को एक साथ खींचने के बजाय छोटे हिस्सों में अलग करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है. ज्यादा चिपकी हो तो गर्मी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें कुछ दबाव वाले पुराने गोंद हल्की गर्मी से नरम हो सकते हैं. लेकिन यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए बहुत सावधानी जरूरी है. हेयर ड्रायर को सबसे कम तापमान और कम एयरफ्लो पर रखें. इसे तस्वीर के सामने से नहीं, बल्कि एलबम के पन्ने की पिछली तरफ से करीब 20-30 सेंटीमीटर दूर रखकर 10-20 सेकंड तक हल्की गर्मी दें. इसके बाद गर्मी बंद करके फिर से फ्लॉस या पतली स्पैचुला से किनारे को धीरे-धीरे अलग करने की कोशिश करें. अगर तस्वीर की सतह चिपचिपी या ज्यादा चमकदार होने लगे या वह मुड़ने लगे, तो तुरंत रुक जाएं और उसे ठंडा होने दें. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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