राष्ट्रवाणी: Cardiac Arrest Vs Heart Attack Key Differences: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर सीने में तेज दर्द हुआ था, जिसके बाद उनके फ्लैट पर मेडिकल टीम भेजी गई. वह घर पर बेहोशी की हालत में मिले थे. मौके पर उन्हें कार्डियक मसाज दी गई और इसके बाद उन्हें डोना पाउला स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल की मेडिकल टीम ने सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाना पाटेकर की मौत में कार्डियक अरेस्ट की बात सामने आने के बाद यह समझना जरूरी है कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक एक ही स्थिति नहीं हैं. दोनों दिल से जुड़ी गंभीर स्थितियां हैं, लेकिन इनके कारण और शरीर पर असर अलग-अलग होते हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, हार्ट अटैक मुख्य रूप से ब्लड सर्कुलेशन की समस्या है, जबकि अचानक होने वाला कार्डियक अरेस्ट दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम में आई गड़बड़ी से होता है. हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी धमनी में ब्लॉकेज हो जाता है. इसके कारण दिल के किसी हिस्से तक ब्लड और ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित हो जाती है. अगर ब्लॉक हुई धमनी को जल्दी नहीं खोला जाता है, तो उस हिस्से की हार्ट मांसपेशियां धीरे-धीरे डैमेज होने लगती हैं. इलाज में जितनी देर होती है, दिल को होने वाला नुकसान उतना ही बढ़ सकता है. हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते. कुछ लोगों में लक्षण अचानक और काफी तेज हो सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में शुरुआत हल्के लक्षणों से होती है. सीने में दर्द या दबाव इसके प्रमुख संकेतों में शामिल हो सकता है. हालांकि, कुछ लोगों में लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं या कभी-कभी स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखाई देते. महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग हो सकते हैं. अचानक कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी में गंभीर गड़बड़ी के कारण दिल अचानक प्रभावी तरीके से धड़कना बंद कर देता है. इसकी वजह से दिल शरीर के जरूरी अंगों, खासकर दिमाग और फेफड़ों तक खून पंप नहीं कर पाता. व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है और उसकी नब्ज नहीं मिलती. कार्डियक अरेस्ट अक्सर अचानक होता है और कई बार बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के भी हो सकता है. इस स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है. अगर तुरंत मदद नहीं मिलती, तो व्यक्ति की जान जा सकती है. ऐसे समय में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद बुलाना, सीपीआर शुरू करना और उपलब्ध होने पर AED यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल करना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है. हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का क्या संबंध है?
हालांकि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अलग-अलग स्थितियां हैं, लेकिन दोनों के बीच संबंध हो सकता है. हार्ट अटैक के बाद या उसके दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ा सकता है, लेकिन हर हार्ट अटैक के बाद कार्डियक अरेस्ट हो, यह जरूरी नहीं है. इसके अलावा दिल की कुछ दूसरी समस्याएं भी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती हैं. इनमें कार्डियोमायोपैथी, हार्ट फेलियर, कुछ तरह की एरिदमिया, खासकर वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन, जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं और कुछ संक्रमण शामिल हो सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति को तेज सीने में दर्द हो और हार्ट अटैक की आशंका हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह पता लगाने में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए कि दर्द मामूली है या हार्ट अटैक का संकेत. तुरंत स्थानीय इमरजेंसी नंबर पर कॉल करके मेडिकल मदद लेनी चाहिए. मेडिकल टीम रास्ते में ही जरूरी मदद शुरू कर सकती है और अस्पताल पहुंचने पर इलाज में भी तेजी आ सकती है. वहीं, अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए, प्रतिक्रिया न दे और उसकी नब्ज महसूस न हो, तो कार्डियक अरेस्ट की स्थिति हो सकती है. ऐसे में तुरंत मदद के लिए कॉल करें और सीपीआर शुरू करें. अगर AED उपलब्ध हो, तो उसे जल्द से जल्द इस्तेमाल किया जाना चाहिए. अगर दो लोग मदद के लिए मौजूद हैं, तो एक व्यक्ति सीपीआर शुरू कर सकता है, जबकि दूसरा इमरजेंसी मदद और AED की व्यवस्था कर सकता है. Check out below Health Tools-Calculate Your Body Mass Index ( BMI ) Calculate The Age Through Age Calculator जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
