राष्ट्रवाणी: रायपुर: Mahadev Betting App Case महादेव सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting Scam) केस में टीवी स्पोर्ट्स एंकर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, महादेव ऐप के प्रमोशन से मिली कथित रकम में से 1 करोड़ 20 लाख रुपये शेफाली बग्गा (Shefali Bagga News) ने सरेंडर कर दिए हैं।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई में उनके ठिकानों से 30 लाख रुपये जब्त किए गए थे। यानी जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये की रकम सामने आई है। Mahadev App Investigation महादेव सट्टेबाजी ऐप केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
अब इस मामले में टीवी स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा का नाम भी जांच के केंद्र में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, महादेव प्लेटफॉर्म से जुड़े सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन के बदले शेफाली बग्गा को कथित तौर पर रकम मिली थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस रकम में से बची हुई 1 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि शेफाली बग्गा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने सरेंडर कर दी है।
दरअसल, मई महीने में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शेफाली बग्गा के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने करीब 30 लाख रुपये नकद जब्त किए थे, अब 1 करोड़ 20 लाख रुपये और सरेंडर किए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, महादेव से जुड़ी कथित प्रमोशनल गतिविधियों के एवज में मिली।
रकम का कुल आंकड़ा 1 करोड़ 50 लाख रुपये तक पहुंच गया है। जांच के दौरान शेफाली बग्गा ने बची हुई रकम प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपने की इच्छा जताई थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रायपुर यूनिट को 50 लाख और 70 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट सौंपे गए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रायपुर यूनिट ही साल 2022 से महादेव ऐप मामले की बहु-राज्यीय जांच कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले की सुनवाई कर रही रायपुर की विशेष अदालत को भी शेफाली बग्गा द्वारा कथित रकम सरेंडर किए जाने की जानकारी दी है। जुलाई महीने में शेफाली बग्गा उनके पिता और उनके भाई के बयान भी दर्ज किए गए थे, अब जांच एजेंसी उनकी कथित प्रमोशनल भूमिका और उससे जुड़ी रकम की जांच कर रही है।
हालांकि शेफाली बग्गा ने महादेव ऐप से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी होने से इनकार किया है। शेफाली बग्गा का कहना है कि उनकी भूमिका सिर्फ सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स के प्रमोशन तक सीमित थी। उनके मुताबिक, उन्होंने भी अन्य सेलिब्रिटीज की तरह प्रमोशनल काम किया था, और उन्हें ऐप्स के संचालन या उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।
बता दें, महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक के तौर पर जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म के जरिए पोकर, कार्ड गेम्स और अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं पर सट्टेबाजी कराई जाती थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इसके सह-प्रवर्तक थे और दुबई से इसका संचालन किया जाता था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि महादेव नेटवर्क ने फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए अपना नेटवर्क फैलाया और कथित तौर पर बेनामी बैंक खातों के जटिल नेटवर्क के जरिए पैसों का लेन-देन किया गया। इसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अपराध की कमाई से जुड़े पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है।
वहीं, शेफाली बग्गा की बात करें तो सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट रह चुकीं शेफाली बग्गा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 56 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जाते हैं। यही वजह है कि महादेव से जुड़े कथित प्रमोशनल काम को लेकर उनका नाम सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में है।
तो महादेव सट्टेबाजी ऐप केस में अब शेफाली बग्गा की कथित प्रमोशनल भूमिका जांच के घेरे में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, पहले 30 लाख रुपये जब्त किए गए और अब 1 करोड़ 20 लाख रुपये सरेंडर किए गए हैं। हालांकि शेफाली बग्गा का कहना है कि उन्होंने सिर्फ प्रमोशनल काम किया और ऐप की कथित अवैध गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं था।
अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आगे की जांच और अदालत में होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। उत्तर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, शेफाली बग्गा को महादेव प्लेटफॉर्म से जुड़े सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन के बदले कथित तौर पर रकम मिली थी। एजेंसी उनकी प्रमोशनल भूमिका और उससे जुड़ी रकम की जांच कर रही है।
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