राष्ट्रवाणी: दुनिया का सबसे छोटा उड़ने वाला विमान, ‘स्टार बम्बल बी II’, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसे अमेरिकी पायलट रॉबर्ट एच. स्टार ने बनाया था। दुनिया का सबसे छोटा प्लेन (Picture Courtesy: Facebook) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।
हवाई जहाज का नाम सुनते ही दिमाग में एक बड़े से विमान की तस्वीर बनती है, जिसके बड़े पंख होते हैं, लेकिन अगर हम आपको बताएं कि एक हवाई जहाज कार से भी छोटा है, तो क्या आप यकीन करेंगे? दरअसल, सचमुच ऐसा एक प्लेन है, जो इतना छोटा है कि किसी खिलौने जैसा लगता है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल इस प्लेन को हवा में भी उड़ाया जा चुका है।
आइए जानें इस प्लेन का नाम क्या है और अब ये प्लेन कहां है। इस प्लेन का नाम स्टार बम्बल बी II है, जिसे अमेरिकी पायलट और डिजाइनर रॉबर्ट एच. स्टार ने बनाया था। ये अब तक के सबसे छोटे उड़ने वाले विमान के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है।
इस छोटे बाइप्लेन के पंखों की लंबाई सिर्फ 5 फीट 6 इंच और इस विमान की लंबाई 8 फीट 10 इंच था। इस प्लेन की ऊंचाई भी सिर्फ 3 फीट 11 इंच था। इस विमान का वजन लगभग 180 किलोग्राम था, लेकिन पायलट और फ्यूल के साथ इसका टेक-ऑफ वजन 260 किलोग्राम था।
इस छोटे से प्लेन ने 2 अप्रैल 1988 को एरिजोना के टूसन के पास स्थित मारना एयरपार्क में अपनी पहली उड़ान भरी थी। इसी उड़ाने ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में इस प्लेन का नाम शामिल करवाया। बम्बल बी II से पहले रॉबर्ट स्टार ने विमान डिजाइनर रे स्टिट्स के साथ मिलकर सिटट्स स्काई बेबी को उड़ाया था, जो 1952 में अपनी पहली पहली उड़ान के बाद दुनिया का सबसे छोटा विमान बना था।
इसके बाद साल 1984 में स्टार ने खुद एक विमान बनाया, जिसका नाम बम्बल बी रखा। जब इस विमान का रिकॉर्ड टूट गया, तो उन्होंने बम्बल बी II बनाया, जिसने दुनिया के सबसे छोटे विमान का रिकॉर्ड अपने नाम किया। बम्बल बी II अपनी पहली उड़ान के एक महीने बाद 5 मई 1988 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस घटना में स्टार पायलट घायल हो गए और विमान पूरी तरह डैमेज हो गया। हालांकि, इससे पहले बना बम्बल बी विमान आज भी सुरक्षित मौजूद है। भले ही बम्बल बी II आज मौजूद नहीं है, लेकिन दुनिया के सबसे छोटे विमान का वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी इसी के नाम है।

