राष्ट्रवाणी: पुणे में बिना परमिशन चल रही रैपिडो बाइक-टैक्सी सर्विस पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी ने पुलिस कमिश्नर …और पढ़ें पुणे में रैपिडो बाइक टैक्सी पर बड़ी कार्रवाई बिना परमिशन संचालन पर प्राथमिकी (एफआईआर) और ऐप से विकल्प हटाने की मांग जिलाधिकारी ने ऐप से बुकिंग विकल्प हटाने का निर्देश दिया।
RTO ने अवैध संचालन पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर जुर्माना लगाया। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| Rapido Bike Taxi News: पुणे में बिना परमिशन चल रही रैपिडो बाइक-टैक्सी सर्विस (Rapido Bike Taxi) पर अब प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। पुणे के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र डुडी ने पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार से रैपिडो ऐप से बाइक-टैक्सी बुकिंग का विकल्प तुरंत हटाने की मांग की है।
यह सख्त कदम पुणे के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) द्वारा रैपिडो के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी (एफआईआर)) दर्ज कराने के बाद उठाया गया है। कंपनी पर आरोप है कि वह बिना किसी अथॉराइजेशन के अवैध रूप से अपनी बाइक-टैक्सी सर्विस ऑपरेट कर रही है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस में शिकायत होने के हफ्ते भर बाद भी रैपिडो ऐप पर बाइक-टैक्सी बुक करने का ऑप्शन अभी भी एक्टिव है।
इसी मनमानी को देखते हुए पुणे क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के अध्यक्ष और डीएम जितेंद्र डुडी ने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि वे साइबर सेल को निर्देश देकर ऐप से इस फीचर को तुरंत ब्लॉक कराएं, जब तक कि जरूरी परमिशन न मिल जाए। पुणे आरटीओ ने अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है।
आरटीओ के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 10 से ज्यादा ऑपरेटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है और 60,000 रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है। अधिकारी ने साफ किया है कि पुणे में बाइक-टैक्सी चलाने की कोई अनुमति किसी को नहीं दी गई है और यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। रैपिडो के ऐप पर बुकिंग जारी रहने से पारंपरिक ऑटो-रिक्शा चालकों में भारी नाराजगी है।
महाराष्ट्र कामगार सभा और ‘बाघतोय रिक्शावाला’ यूनियन के अध्यक्ष केशव क्षीरसागर ने सवाल उठाया कि एफआईआर होने के बाद भी यात्री बाइक-टैक्सी कैसे बुक कर पा रहे हैं? उन्होंने कहा कि यूनियन जल्द ही आरटीओ अधिकारियों से मिलकर कड़े एक्शन की मांग करेगी। वहीं, रिक्शा पंचायत के अध्यक्ष नितिन पवार ने भी रैपिडो की निशाना साधते हुए तीखा हमला बोला है।
पवार ने कहा कि पहले ही कंपनी को सर्विस बंद करने की चेतावनी दी गई थी और बात न मानने पर लाइसेंस सस्पेंड करने की बात कही गई थी। उनकी यूनियन जवाब मांगने के लिए सीधे पुणे कलेक्टर के पास जाएगी। फिलहाल, पुणे में ऐप-बेस्ड बाइक-टैक्सी के रेगुलेशन को लेकर विवाद गरमा गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैपिडो से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा गया है, लेकिन कंपनी की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब देखना है कि प्रशासन की इस सख्ती के बाद ऐप से यह फीचर कब तक हटता है।

