राष्ट्रवाणी: वेब सीरीज अक्का में नजर आने वालीं अभिनेत्री राधिका आप्टे ने ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की है। अक्का वेब सीरीज एक्ट्रेस राधिका आप्टे (फोटो क्रेडिट- एक्स) अक्का में राधिका आप्टे का अहम किरदार ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बोलीं राधिका आप्टे स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई: महिलाओं की ताकत, सत्ता और संघर्ष की कहानी कहने वाली वेब सीरीज ‘अक्का’ रिश्तों और महत्वाकांक्षाओं के बीच उलझी ऐसी दुनिया को सामने लाता है, जहां फैसले लेने वाली महिलाएं हैं।
नेटफ्लिक्स पर आज से रिलीज हो रही। इस सीरीज में अभिनेत्री राधिका आप्टे (Radhika Apte) लीड रोल में नजर आएंगी। लेटेस्ट वेब सीरीज अक्का में राधिका आप्टे ने रूद्रा की भूमिका निभाई है।
यह भूमिका निभाने को लेकर राधिका कहती है कि यह मेरा बहुत ही मसालेदार और खास अंदाज वाला किरदार है। मैंने पहले कभी इस तरह डायलागबाजी नहीं की थी। इसमें तो पूरा जोर संवाद अदायगी पर ही है।
यह एक भव्य पीरियड ड्रामा है, जिसमें हर चीज को खास अंदाज में पेश किया गया है। शो में मेरा पात्र मुंबई से है। तो इस किरदार को निभाने के लिए मुझे अपनी हिंदी पर मेहनत करनी पड़ी क्योंकि मेरी हिंदी थोड़ी कमजोर है।
जब मुझे संवाद पहले से मिल जाते हैं, तो ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन बाद में मिलते हैं तो इंप्रोवाइजेशन में मुझे दिक्कत आती है।सीरीज में रुद्रा सत्ता पर काबिज होना चाहती है। असल जिंदगी में ताकत के मायने को लेकर राधिका कहती हैं कि मेरे लिए ताकत का मतलब है अपनी ताकत और अपने विशेषाधिकारों को पहचानना।
ताकत का मतलब है अपने लिए खड़े हो पाना। दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करना ताकत नहीं है। किसी से जबरन वसूली करना या उसका शोषण करना भी ताकत नहीं है।
मेरे हिसाब से असली ताकत है सभी के साथ समान व्यवहार करना। यही मेरे लिए ताकत की असली परिभाषा है। सीरीज में सारे फैसले सत्ता पर आसीन महिला जिसे अक्का कहा जाता है उसके द्वारा लिए जाते हैं।
हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में अभी भी अभिनेत्रियों को समानता के अधिकार के लिए आवाज बुलंद करनी पड़ रही है। फिल्म इंडस्ट्री में भी बदलाव को लेकर राधिका कहती है कि हां, मुझे लगता है कि चीजें बदल रही हैं। हालांकि, अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना बाकी है, लेकिन बदलाव निश्चित रूप से हो रहे हैं।
अब महिलाओं को पहले से ज्यादा अवसर मिल रहे हैं। वे अपनी आवाज उठा रही हैं और उनकी बात पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुनी जा रही है। ऐसा हमेशा नहीं होता, लेकिन स्थिति में सुधार जरूर आया है।
महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं। महिलाओं को केंद्र में रखकर ज्यादा कहानियां लिखी जा रही हैं। इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर कलाकार मुखर हो रहे हैं।
ट्रोलिंग करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने को लेकर राधिका कहती हैं कि मैं इंटरनेट मीडिया ज्यादा नहीं देखती। इसलिए मुझे वास्तव में इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है। जिन लोगों के पास समय होता है, वे ही ट्रोल करते हैं।
मुझे उनसे कुछ कहना भी नहीं है। मुझे ट्रोल करना है, तो कीजिए। मैं तो उस पर ध्यान ही नहीं देती।
मेरे लिए यह समय की बर्बादी है। ट्रोल करने वाले कायर होते हैं। माना जाता है कि हर कलाकार की जिंदगी में एक ऐसी फिल्म होनी चाहिए, जिसे कई पीढ़ियां याद रखें।
अब ओटीटी के दौर में ऐसे कई कलाकार सामने आए हैं, जिन्हें पहचान वहीं से मिली है। ऐसे में ओटीटी भी किसी कलाकार को वह मुकाम दे सकता है, जहां उसे कई पीढ़ियों तक याद रखा जाए? जवाब में राधिका कहती हैं कि पता नहीं, लेकिन ऐसा हो सकता है।
कुछ वेब शो इतने शानदार होते हैं कि वे हमेशा याद रखे जाते हैं। जैसे वेब शो ब्रेकिंग बैड। उसे लोग कभी नहीं भूलेंगे और आगे भी देखते रहेंगे।

