राष्ट्रवाणी: Inspirational Story Of Mallesh: तेलंगाना के हैदराबाद से आत्मबल और स्वाभिमान की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहाँ जन्म से दृष्टिबाधित मल्लेश ने मुश्किलों के आगे घुटने टेकने के बजाय अपने हुनर को ढाल बनाया. एक ही महीने में पिता और भाई को खोने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. मल्लेश ने सरकार से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन के पैसों से कच्चा माल खरीदकर प्लास्टिक वायर की टोकरियां, बैग और पर्दे बनाने का काम शुरू किया. आज वे अपने इस कारोबार से न केवल आत्मनिर्भर हैं बल्कि अपनी बुजुर्ग मां का एकमात्र सहारा बने हुए हैं.
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