राष्ट्रवाणी (धमतरी ब्यूरो): प्रतिनिधि, धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की आधिकारिक तिथि 15 नवंबर निर्धारित किए जाने के बाद से मैदानी इलाकों में कोचियों, बिचौलियों और अवैध कारोबारियों की सक्रियता बढ़ गई है। राज्य के अन्य हिस्सों की तरह धमतरी जिले में भी अवैध तरीके से धान खपाने की साजिश को नाकाम करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
जिले के ओड़िशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में जांच दल ने औचक निरीक्षण के दौरान दो मेटाडोर वाहनों को पकड़ा जो बिना किसी वैध दस्तावेज के भारी मात्रा में धान का अवैध परिवहन कर रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार एक वाहन से 250 कट्टा और दूसरे वाहन से 300 कट्टा यानी कुल 550 कट्टा अवैध धान पकड़ा गया है।
प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से अवैध धान के कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है। पकड़े गए दोनों वाहनों और जप्त किए गए संपूर्ण धान को अग्रिम एवं वैधानिक कार्रवाई के लिए सिहावा थाना और नगरी थाना के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां स्थानीय पुलिस और खाद्य विभाग आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
शहरी और ग्रामीण बाजारों में खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा दुकानों और संदिग्ध ठिकानों की लगातार जांच की जा रही है। सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षकों की टीमों ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर वहां अवैध रूप से डंप किए गए धान का स्टॉक जप्त किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के हक का धान बिचौलियों द्वारा नहीं खपाने दिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
इस प्रकार की प्रशासनिक सख्ती से वास्तविक किसानों को धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

