राष्ट्रवाणी: Pali Industry Ground Report: एक दौर था जब पाली को ‘पॉपलीन सिटी’ के नाम से जाना जाता था. कॉटन प्रोसेसिंग, रंगाई और छपाई के कारोबार ने इस शहर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में जगह दिलाई थी. स्थानीय उद्यमियों के साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश से आए हजारों प्रवासी कामगारों की रोजी-रोटी भी इसी उद्योग से जुड़ी थी. लेकिन अब बंद पड़ी फैक्ट्रियां, खामोश चिमनियां और रोजगार की तलाश में पलायन पाली की नई तस्वीर बन रहे हैं. स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, एनजीटी के सख्त नियम, सीईटीपी की तकनीकी समस्याएं और पानी की किल्लत उद्योगों पर भारी पड़ी है. प्रोसेसिंग के लिए अहमदाबाद जा रहे मामा-भांजे की सड़क हादसे में मौत ने इस संकट को मानवीय पीड़ा से जोड़ दिया है. शहर के लोगों का कहना है कि अगर स्थानीय स्तर पर उद्योग चलते रहें, तो कारोबारियों और कामगारों को सैकड़ों किलोमीटर दूर जाने की मजबूरी नहीं होगी. अब पाली के टेक्सटाइल उद्योग को फिर से पटरी पर लाने की मांग उठ रही है.
Trending
- महानगर गैस लिमिटेड का दूसरी तिमाही का राजस्व 23% बढ़कर 2,777 करोड़ रुपये हुआ; शुद्ध लाभ 29% गिरा – भारतीय पीएसयू
- राइट्स 400 करोड़ रुपये के श्रीलंका रेलवे अनुबंध के लिए एल-1 बोलीदाता है – भारतीय पीएसयू
- पेट्रोनेट एलएनजी क्यू2 का मुनाफा बढ़कर 1,235 करोड़ रुपये हुआ; भारतीय पीएसयू ने 7 रुपये के लाभांश की घोषणा की
- राजस्व वृद्धि के बावजूद पीटीसी इंडिया का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ गिरकर ₹113 करोड़ हो गया; सहायक कंपनी को आरबीआई से राहत – भारतीय पीएसयू
- रिलायंस की रिफाइनरी में छप्परफाड़ कमाई, तीसरी तिमाही में भी बरस सकता है पैसा – राष्ट्रवाणी
- घोड़ा मधुमक्खी का हमला कितना खतरनाक, जानिए बचने के तरीके, इस बड़े खुलासे से मचा हड़कंप – राष्ट्रवाणी
- चूहे को जिंदा जलाया तो पुलिस ने 4 युवकों को भेजा जेल, सामने आई दर्दनाक वीडियो, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान – राष्ट्रवाणी
- ‘क्या जनता इस बार दीपावली मनाना ही छोड़ दे?’ CNG और LPG के दाम बढ़ने पर बिफरी शिवसेना UBT – राष्ट्रवाणी

