राष्ट्रवाणी (बस्तर ब्यूरो): प्रतिनिधि, बस्तर। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम कचनार स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति (लैम्पस) में किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। किसानों ने समिति प्रबंधन पर केसीसी खातों से बिना अनुमति राशि निकालने, फर्जी हस्ताक्षर के जरिए खाद का आहरण दर्शाने और खाद वितरण में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की शिकायत के बाद सहकारिता विभाग ने 12 बिंदुओं पर जांच के निर्देश जारी किए हैं। मामले में ग्राम बेड़ाउमरगांव निवासी किसान श्याम लाल कश्यप ने 3 नवंबर को अपना लिखित बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को उनके जिला सहकारी बैंक खाते से 11 हजार 359 रुपये 70 पैसे के खाद आहरण का संदेश मोबाइल पर प्राप्त हुआ, जबकि उन्होंने न तो खाद खरीदी थी और न ही किसी प्रकार का आहरण किया था।
जानकारी लेने पर जिला सहकारी बैंक शाखा बकावंड में पता चला कि लैम्पस कचनार द्वारा उनके नाम पर खाद वितरण दर्ज किया गया है। किसान के अनुसार, खाद आहरण से संबंधित परमिट रसीद पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। किसानों के लिखित बयान के आधार पर कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, जगदलपुर ने 2 नवंबर को जांच संबंधी निर्देश जारी किए।
इसमें संबंधित पक्षों को 3 नवंबर को सुबह 11 बजे लैम्पस कचनार में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। जांच में केसीसी खातों से अनधिकृत निकासी, फर्जी हस्ताक्षर से खाद आहरण, समिति संचालन में बाहरी हस्तक्षेप और वित्तीय अनियमितताओं सहित कुल 12 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।

