आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सामने आये एक चौंकाने वाले मामले में मुबारकपुर थाने में तैनात होमगार्ड का जवान एक शातिर अपराधी निकला. उस पर मादक पदार्थों की तस्करी, बलात्कार और चोरी समेत आठ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दामोदरपुर गांव निवासी निरंकार राम की वर्ष 2001 में होमगार्ड विभाग में भर्ती हुई थी. उसके तुरंत बाद ही उसने कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं. अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ छह मामले उसी थाने में दर्ज किए गए थे जहां वह पिछले 24 वर्षों से तैनात था.
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”होमगार्ड की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी. होमगार्ड्स कमांडेंट को एक रिपोर्ट भेजी गई थी जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है. वह पिछले एक महीने से ड्यूटी पर नहीं आया है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.” पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि निरंकार राम के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2003 में राजकीय रेलवे पुलिस के भटनी थाने में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी तत्व अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था. आरोप था कि वह नशे की गोलियां और लड्डू खिलाकर यात्रियों के सामान की चोरी करता था. वर्ष 2003 से 2017 के बीच उस पर चोरी और यौन उत्पीड़न सहित आठ मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया था.
अधिकारियों ने बताया कि उसे पहले निलंबित और फिर बर्खास्त कर दिया गया था. मगर अक्टूबर 2021 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उसे बहाल कर दिया गया था. मुबारकपुर थाने में एक दर्जन से अधिक थानेदार बदलने के बावजूद किसी ने आरोपी होमगार्ड्स जवान की आपराधिक पृष्ठभूमि पर कार्रवाई नहीं की. वह ड्यूटी करते हुए ही अपने मामलों की पैरवी करता रहा. तीन मुकदमों में उसे कोर्ट से बरी किया जा चुका है जबकि बाकी में मुकदमा चल रहा है.
अफसरों ने बताया कि जिले में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी मेंहनगर थाने में तैनात नंदलाल यादव उर्फ नकदू पर वर्ष 1988 में गैंगस्टर अधिनियम लगा था. फिर भी वह 35 साल तक ड्यूटी करता रहा. पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण की जांच में उसके खिलाफ गंभीर आरोप साबित हुए थे.
