नयी दिल्ली: अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा है कि समूह की संपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) वित्त वर्ष 2024-25 में बढकर 16.5 प्रतिशत हो गया है। इससे यह वैश्विक बुनियादी ढांचा क्षेत्र में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल हो गया है। समूह की वार्षिक ‘शांतिलाल अदाणी व्याख्यान श्रृंखला’ में अदाणी ने इस प्रदर्शन का श्रेय अनुशासित विकास एवं कुशल पूंजी निवेश को दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह आंकड़ा दर्शाता है कि हमारी वृद्धि लाभदायक है, हमारी संपत्तियां उत्पादक हैं और हमारी पूंजी का प्रभावी इस्तेमाल हो रहा है।’’समूह का कर पूर्व शुद्ध आय अनुपात 2.6 गुना रहा। अदाणी ने कहा कि मजबूत आंतरिक नकदी प्रवाह से कंपनी को अपनी 100 अरब अमेरिकी डॉलर की पंचवर्षीय पूंजीगत व्यय योजना के एक बड़े हिस्से का स्वयं वित्तपोषण करने की उम्मीद है जिससे बाहरी बाजारों पर निर्भरता कम होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह उच्च आरओए नकदी उत्पन्न करने से कहीं अधिक है। यह ऋणदाताओं के साथ हमारे भरोसे को मजबूत करता है, निवेशकों के विश्वास को गहरा करता है और बही-खाते की अखंडता को बनाए रखते हुए साहसिक दांव लगाने की हमारी क्षमता को मजबूत करता है। यह वह अदृश्य ढांचा है जो हमारे द्वारा निर्मित हर चीज को सहारा देता है।’’ अदाणी ने 2032 तक भारत के बिजली क्षेत्र में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के अवसर का हवाला देते हुए कहा कि समूह इस बाजार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने वित्त नियंत्रण टावर और वैश्विक क्षमता केंद्र जैसी वित्तीय परिवर्तन पहल का भी उल्लेख किया। ‘शांतिलाल अदाणी व्याख्यान श्रृंखला’, शांतिलाल अदाणी को सर्मिपत एक आंतरिक वार्षिक कार्यक्रम है। यह वित्तीय रणनीति, शासन एवं नवाचार पर चर्चा करने के लिए समूह के वरिष्ठ वित्त और प्रौद्योगिकी दिग्गजों को एक साथ लाता है।
शांतिलाल अदाणी, उद्योगपति गौतम अदाणी के पिता हैं।

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