राष्ट्रवाणी: रोशन लाल सिन्हा, , धमतरी। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून-2026 लागू होने के बाद धमतरी जिले में ईसाइयों की प्रार्थना सभा में भागीदारी के लिए 1,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अधिकांश आवेदन अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से संबंधित लोगों के हैं।
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का दावा है कि मतांतरण की बात स्वीकारने की जगह प्रार्थना सभा में शामिल होने की बात की जा रही है। यह ईसाई मिशनरियों द्वारा किए गए रणनीतिक बदलाव का परिणाम है। एससी और ओबीसी वर्ग के लोग सिर्फ प्रार्थना सभा में उपस्थिति की बात करके आरक्षण का लाभ लेने की भी स्थिति में रहेंगे।
धमतरी में मतांतरण और प्रार्थना सभा संघर्ष का मुद्दा बना हुआ है। इस क्षेत्र में प्रदेश में जातीय आधार पर सर्वाधिक आबादी वाले साहू समाज के लोगों के बड़ी संख्या में मतांतरित होने की बात उठती रही है। छह सितंबर 2026 में शहर के टिकरापारा क्षेत्र में इसी तरह की प्रार्थना सभा में लगभग 40 लोगों के शामिल होने पर विवाद के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
इधर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार नगरी संभाग में 500, धमतरी संभाग में 490 तथा कुरुद संभाग में 270 आवेदन मिले हैं। सरकारी आवेदन में अधिकांश आवेदकों ने प्रशासन से प्रार्थना सभा में जाने की अनुमति मांगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध राठी ने कहा कि सभी मूलतः हिंदू ही हैं।
ईसाई मिशनरियों के चलते कुछ लोग विगत कुछ वर्षों से क्रिप्टो (छद्म) जीवन जी रहे हैं। मिशनरी के प्रतिनिधि ही ऐसे ही लोगों के आवेदन प्रशासन के पास जमा करा रहे हैं। सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि मतांतरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
छोटी कमेटी बनाकर सभी लोगों को काम करना होगा। हिंदू जागरण मंच के प्रांत युवा प्रमुख दीपक ठाकुर का दावा है कि आवेदन देने वाले स्वार्थी लोग हैं। प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन लगातार मिल रहे हैं।
इनको फिलहाल एकत्रित किया जा रहा है। अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। – इंदिरा सिंह देहारी, अपर कलेक्टर व प्रभारी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मेरी प्रार्थना सभा में उपस्थिति पूर्णतः स्वैच्छिक है।
किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन द्वारा मुझपर किसी प्रकार का बल, भय, धमकी, दबाव या अनुचित प्रभाव नहीं डाला गया है। मुझे धन, वस्तु, नौकरी, शिक्षा, चिकित्सा, विवाह, सामाजिक लाभ अथवा किसी अन्य प्रकार के प्रलोभन के आधार पर प्रार्थना सभा में सम्मिलित होने या किसी धर्म को स्वीकार करने के लिए प्रेरित नहीं किया गया है।
मेरे साथ किसी प्रकार का कपट, मिथ्या प्रतिरूपण, तथ्य छिपाना या धोखे से कोई धार्मिक कार्य नहीं कराया गया है।
