राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि,सरगुजा: सरगुजा जिले के नगर पंचायत की नीलामी में 500 रुपये में खरीदी गई गाय को जंगल में काट दिया गया। ग्राम रजौटी के सान्याघुटरी के सुनसान जंगल में गाय काट रहे दो आरोपितों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर तीन आरोपित फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपितों के पास से गो मांस और टांगी बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब आठ बजे ग्राम रजौटी के सान्याघुटरी जंगल में पांच लोग मिलकर गाय काट रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस को देखते ही आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर दो ग्रामीणों अजय कुमार कुजूर (45) निवासी ग्राम रजौटी बरपारा और रंजीत कुजूर (27) निवासी ग्राम रजौटी बरपारा को गिरफ्तार कर लिया। जबकि ग्राम गुरगुमा निवासी विवेक खलखो समेत तीन लोग भागने में सफल रहे।
मौके से पुलिस ने दो नग टांगी और दो-दो किलो गाय का मांस बरामद किया है। घटनास्थल पर कटे हुए गाय के अवशेष पड़े मिले, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है। थाने लाकर पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि गोहत्या के बाद पहले आपस में मांस का बंटवारा करते हैं और जो बचता है उसे बेच देते हैं।कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल, उपनिरीक्षक रघुनाथ राम भगत, प्रधान आरक्षक अखिलेश्वर भगत, आरक्षक अतुल शर्मा, राकेश यादव, मनोहर पैंकरा शामिल थे।
जांच में सामने आया है कि जंगल में काटी गई गाय नगर पंचायत की नीलामी में मात्र 500 रुपये में खरीदी गई थी। फरार आरोपित विवेक खलखो निवासी ग्राम गुरगुमा ने विगत दिनों नगर पंचायत द्वारा की गई नीलामी में उस गाय को खरीदा था। सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को पकड़कर कांजीहाउस में रखने के बाद नगर पंचायत ने प्रति मवेशी मात्र 500 रुपये की दर से नीलामी कराई थी।
इतने कम दाम में हृष्ट-पुष्ट मवेशी मिलने की खबर पर नगर सहित दूर-दराज के लोग भी टूट पड़े और मनचाहा मवेशी खरीद ले गए थे। नीलामी के दौरान ही नगरवासियों ने आशंका जताई थी कि इतने सस्ते में मवेशी खरीदकर कुछ लोग गाय काटकर खाने और मांस बेचने का काम कर सकते हैं। आखिरकार यह आशंका सही साबित हुई।
लोगों का कहना है कि यह मामला तो नजर में आ गया, लेकिन ऐसे कई मवेशी होंगे जिन्हें खरीदकर तस्करों को महंगे दामों पर बेच दिया गया होगा या काटकर खा लिया गया होगा।
