राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के धार्मिक मानचित्र पर विशेष स्थान रखने वाले डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहाड़ की ऊंची चोटी पर विराजमान माता के दरबार तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के अलावा रोपवे लोकप्रिय और सुविधाजनक साधन है, जो बुजुर्गों और बच्चों के लिए वरदान साबित होता है।
हालांकि, आगामी नवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुगम संचालन सुनिश्चित करने के लिए रोप वे का मेंटेनेंस किया जाना है। मंदिर ट्रस्ट समिति के अनुसार बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा संचालित रोप-वे का संचालन 17 सितंबर से 29 सितंबर तक पूरी तरह से बंद रहेगा।
इस अवधि के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में व्यापक मेंटेनेंस और सुरक्षा जांच का कार्य पूरा किया जाएगा। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा से बचने के लिए यह वार्षिक और एहतियाती कदम उठाया गया है, जिसकी आधिकारिक जानकारी ट्रस्ट समिति के मंत्री महेंद्र परिहार ने दी है। रोपवे के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण इन 13 दिनों में डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं को माता के दरबार तक पहुंचने के लिए पारंपरिक सीढ़ियों का ही सहारा लेना होगा।
हालांकि प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन पहाड़ी की चढ़ाई करने वाले भक्तों को अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनानी चाहिए। नियमित मेंटेनेंस कार्य का यह चरण पूरा होने के तुरंत बाद रोपवे का संचालन फिर से प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे नवरात्रि के मुख्य आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को इसका पूरा लाभ मिल सके।
मंदिर समिति ने सभी आने वाले भक्तों से सहयोग की अपील की है ताकि आगामी पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न किया जा सके।
