अहमदाबाद/मुंबई/ठाणे. अहमदाबाद से लंदन के गैटविक के लिए 12 जून को उड़ान भरने के कुछ ही क्षण के बाद एअर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर सरदार वल्लभभाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के इलाकों का सर्वेक्षण कराया जाएगा. अमदाबाद जिले के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

एअर इंडिया के उक्त बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में चालक दल के 12 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे जो अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने और इसके बाद लगी आग में यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 270 लोगों की मौत हो गई.

अहमदाबाद के जिला कलेक्टर सुजीत कुमार ने संवाददाताओं को बताया, ”नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अहमदाबाद नगर निगम और नागरिक विमानन विभाग के अधिकारियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जाएगा.” उन्होंने कहा, ”सर्वेक्षण पूरा हो जाने के बाद, आगामी आवश्यक कार्य शुरू कर दिए जाएंगे.” कुमार ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी विमान (बाधाओं का विध्वंस) नियम, 2025 के मसौदे का हवाला दिया, जिसमें हवाई अड्डों के पास विमान सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली संरचनाओं पर नियंत्रण कड़ा करने की बात कही गई है.

मसौदा नियमों का उद्देश्य अधिकारियों को उन इमारतों, पेड़ों या अन्य वस्तुओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार देना है जो निर्दष्टि हवाई अड्डे क्षेत्रों में निर्धारित ऊंचाई सीमाओं का उल्लंघन करते हैं. अधिकारी ऐसी संरचनाओं को लेकर नोटिस जारी कर सकते हैं और ऊंचाई कम करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकते हैं. कुमार ने कहा, ”सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा. हवाई अड्डे के आसपास सर्वेक्षण का क्षेत्र नागरिक विमानन टीम द्वारा तय किया जाएगा.”उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण टीम का जल्द गठन किया जाएगा.

दुर्घटनाग्रस्त विमान के ब्लैक बॉक्स को डिकोड करने के स्थान पर एएआईबी निर्णय लेगा: सरकार
विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो एयर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के ब्लैक बॉक्स को डिकोड करने के स्थान पर निर्णय लेगा. सरकार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम ने 12 जून को हुई दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है. इस दुर्घटना में लगभग 270 लोग मारे गए थे.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) की एक संयुक्त इकाई 13 जून, 2025 को दुर्घटना स्थल से बरामद की गई है और दूसरा सेट 16 जून को मिला. विमान के इस मॉडल में दो ब्लैक बॉक्स सेट थे.” मंत्रालय ने कहा कि स्थानीय प्राधिकारियों और एजेंसियों से सभी आवश्यक सहयोग के साथ एएआईबी जांच लगातार आगे बढ़ रही है. साथ ही कहा कि साइट दस्तावेजीकरण और साक्ष्य संग्रह इकट्ठा करने का प्रमुख कार्य पूरा हो चुका है और अब आगे का विश्लेषण चल रहा है.

बयान में कहा गया है, “कुछ मीडिया संस्थानों में यह खबर आई है कि एआई171 उड़ान से सीवीआर/डीएफडीआर (ब्लैक बॉक्स) को पुन: प्राप्ति और विश्लेषण के लिए विदेश भेजा जा रहा है… विमान के रिकॉर्डर को डिकोड करने के स्थान के बारे में निर्णय एएआईबी द्वारा सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं के उचित मूल्यांकन के बाद लिया जाएगा.”

दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का अच्छी तरह से रखरखाव किया गया था : एअर इंडिया सीईओ

एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने बृहस्पतिवार को कहा कि दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर का ”अच्छी तरह से रखरखाव” किया गया था तथा इस विमान की आखिरी बार गहन जांच जून 2023 में की गई थी और अगली जांच दिसंबर 2025 में होनी थी. यात्रियों को दिये एक संदेश में, एअर इंडिया प्रमुख ने यह भी कहा कि अगले कुछ सप्ताह के लिए कंपनी के बड़े विमानों के बेड़े के परिचालन में 15 प्रतिशत की कटौती एक अस्थायी कदम है.

उन्होंने कहा, ”विमान का रखरखाव अच्छी तरह से किया गया था, आखिरी बार इसकी गहन जांच जून 2023 में की गई थी और अगली जांच दिसंबर 2025 में होनी थी. इसके दाहिने इंजन की मार्च 2025 में मरम्मत की गई थी और बाएं इंजन की जांच अप्रैल 2025 में की गई थी. विमान और इंजन दोनों की नियमित रूप से जांच की गई थी, जिनमें उड़ान से पहले कोई समस्या नहीं दिखी थी.”

अहमदाबाद विमान दुर्घटना के सात दिन बाद भी मलबा बिखरा हुआ है; जांच जारी

अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे के एक सप्ताह बाद भी उसके पिछले हिस्से सहित मलबा अब भी घटनास्थल पर बिखरा पड़ा है क्योंकि जांचकर्ता पूरी घटना की जांच कर रहे हैं और हादसे की वजह का पता लगाने के लिए सुरगों की तलाश में हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अहमदाबाद के अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी जयेश खड़िया ने बताया कि गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि जांच में उसकी कोई भूमिका नहीं है, लेकिन स्थानीय अग्निशमन कर्मी दुर्घटना स्थल पर चल रही जांच में फोरेंसिक और विमानन विशेषज्ञों की मदद कर रहे हैं. खड़िया ने बताया कि विमान का पिछला हिस्सा दुर्घटना के बाद चिकित्सा महाविद्यालय छात्रावास परिसर में कैंटीन की क्षतिग्रस्त इमारत के ऊपर फंस गया और दुर्घटना के दो दिन बाद 14 जून को क्रेन की मदद से इसे उतारा गया.
उन्होंने बताया, ”पिछले हिस्से सहित मलबा अब भी घटनास्थल पर पड़ा हुआ है. मलबे को किसी अन्य स्थान पर ले जाने का कोई आदेश नहीं हैं.”

एअर इंडिया विमान दुर्घटना: आठ महीने का बच्चा 28 प्रतिशत झुलसा, हालत में सुधार

पिछले सप्ताह जब एअर इंडिया का 171 विमान बी. जे. मेडिकल कॉलेज के आवासीय परिसर में गिरा तो मनीषा कछाड़िया और उनका  आठ महीने का बेटा ध्यानांश दुर्घटना से प्रभावित इमारतों में से एक में थे.  दुर्घटना में घायल हुए लोगों में सबसे कम उम्र का ध्यानांश 28 प्रतिशत झुलस गया और उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की बाल गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) में भर्ती कराना पड़ा.

ध्यानांश के पिता कपिल कछाड़िया ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दुर्घटना के एक हफ्ते बाद शिशु अब भी पीआईसीयू में है, और उसकी हालत में सुधार हो रहा है. कपिल कछाड़िया बीजे मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी में सुपर-स्पेशियलिटी एमसीएच डिग्री कोर्स कर रहे हैं. जब 12 जून को विमान दुर्घटना हुई, तब वे अस्पताल में थे.

दुर्घटना और उसके बाद लगी आग इतनी भयावह थी कि फ्लैट के अंदर होने के बावजूद, भीषण तपिश के कारण उनकी पत्नी मनीषा और बेटा ध्यानांश झुलस गए. कपिल कछाड़िया ने कहा, “उसकी (ध्यानांश की) हालत में सुधार हो रहा है. वह अब भी पीआईसीयू में है और एक-दो दिन में उसे सामान्य वार्ड में ले जाया जाएगा.” उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय मनीषा को भी चोटें आईं, लेकिन वह बेटे को लेकर दुर्घटनास्थल से भाग गईं. उन्होंने कहा कि मनीषा की हालत स्थिर है और फिलहाल अस्पताल के सामान्य वार्ड में उनका इलाज किया जा रहा है.

फ्लाइट अटेंडेंट रोशनी सोंघरे का अंतिम संस्कार किया गया

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया विमान हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट रोशनी सोंघरे (27) का बृहस्पतिवार सुबह ठाणे जिले के उनके गृहनगर डोंबिवली में अंतिम संस्कार किया गया. रोशनी के पिता राजेंद्र सोंघरे ने स्थानीय श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया.

डीएनए परीक्षण के माध्यम से पहचान की पुष्टि होने के बाद, बुधवार देर रात रोशनी के शव को परिवार को सौंप दिया गया.
एअर इंडिया के विशेष विमान से शव को मुंबई लाया गया, जहां से उसे डोंबिवली ले जाया गया. अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके निवास पर लोगों का तांता लगा रहा. रोशनी की अगले साल मार्च में ठाणे निवासी मर्चेंट नेवी के अफसर के साथ शादी होनी थी. परिवार के एक सदस्य ने बताया, ”वह जीवन में नयी शुरुआत करने जा रही थी. हमारे कुछ सपने थे… जो अब टूट चुके हैं.”

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version