मुंबई. अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि उम्र के साथ-साथ अभिनय के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है. उन्होंने इस पेशे की तुलना समुद्र से करते हुए कहा कि अभिनय की दुनिया इतनी विशाल और गहरी है कि चाहे आप कितना भी कुछ ले लें, हमेशा और भी बहुत रह जाता है.

500 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके खेर ने पीटीआई-भाषा से कहा, “मैं आज भी उतना ही बेचैन हूं जितना अपनी पहली फिल्म में था. मेरी उम्र के कई अभिनेताओं ने जीवन के उत्साह को त्याग दिया है और वे खुद को अधिक उम्र का या अधिक अनुभवी समझने लगे हैं. लेकिन यह एक ऐसा पेशा है जो समुद्र के जैसा है – आप इसमें से कितना भी पानी निकाल लें, फिर भी बहुत कुछ बचा ही रहेगा. और जीवन के प्रति मेरा नजरिया भी यही है.” अपने असीम उत्साह के बारे में पूछे जाने पर खेर ने कहा, “मैं अपना जीवन पूरी तरह से जीता हूं और इसके लिए उत्साही होना आवश्यक है. उम्र ने मुझे स्थिर नहीं होने दिया है.” अभिनेता ने कहा कि वह अमेरिकी अभिनेता-फिल्म निर्माता क्लिंट ईस्टवुड और वुडी एलन के साथ-साथ भारतीय सुपरस्टार अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियों से प्रेरणा लेते हैं और सिनेमा के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हैं.

भूमिकाओं और फिल्मों के चयन के संदर्भ में खेर ने कहा कि वह जानबूझकर वृद्ध पात्रों वाली कहानियों की ओर आर्किषत हो रहे हैं, जिनमें “शिव शास्त्री बलबाओ”, “द सिग्नेचर”, “विजय 69” और “तन्वी: द ग्रेट” शामिल हैं. खेर इन दिनों अपनी 549वीं फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं, जिसका निर्देशन उनके पुराने फिल्म निर्माता दोस्त सूरज बड़जात्या कर रहे हैं. इस फिल्म में आयुष्मान खुराना और शरवरी भी हैं.

खेर ने कहा, “मैं अगले महीने अपनी 550वीं फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाला हूं. यह आश्चर्यजनक है कि ईश्वर और दर्शक मुझ पर कितने दयालु रहे हैं.” अभिनेता 56वें ??भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के अवसर पर बोल रहे थे, जहां उनकी चार फिल्में प्रर्दिशत की गईं. इनमें अंग्रेजी भाषा की ड्रामा “कैलोरी”, उनकी 1994 की प्रशंसित रोमांटिक फिल्म “1942: ए लव स्टोरी”, उनके निर्देशन में बनी फिल्म “तन्वी: द ग्रेट” और विवेक अग्निहोत्री की “द बंगाल फाइल्स” शामिल हैं. अभिनेता ने कहा कि वह “खोसला का घोसला 2” पर काम शुरू करने को लेकर रोमांचित हैं और जल्द ही एक और फिल्म का निर्देशन करने के लिए भी उत्सुक हैं.

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