मुंबई. विपक्षी विधायकों ने बृहस्पतिवार को शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे की उस टिप्पणी के खिलाफ महाराष्ट्र विधान भवन की सीढि.यों पर विरोध प्रदर्शन किया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ‘अर्बन नक्सलियों’ ने पंढरपुर की वार्षिक वारी तीर्थयात्रा में घुसपैठ की है. शिवसेना की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कायंदे ने दावा किया था कि ‘अर्बन नक्सल’ तत्वों ने पंढरपुर की पारंपरिक वारी यात्रा में घुसपैठ की है.

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड सहित कई प्रदर्शनकारियों ने संविधान की प्रतियां पकड़ रखी थीं और धार्मिक परंपरा को कथित रूप से बदनाम करने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए नारे लगाए.

उन्होंने (विपक्षी नेताओं ने) सरकार पर आस्था से जुड़ी आषाढी वारी यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर अंधविश्वास को बढ.ावा देने और समाज को बांटने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कायंदे की टिप्पणी निराधार, भ्रामक और हर साल लाखों ‘वारकरियों’ (भगवान विट्ठल के भक्तों) द्वारा की जाने वाली आध्यात्मिक यात्रा का राजनीतिकरण करने का प्रयास है. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां मतभेद पैदा करने तथा वारी की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का अपमान करने का प्रयास है.

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे-उबाठा) नेता दानवे ने कहा, ”यह सिर्फ वारी यात्रा पर हमला नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान पर भी हमला है. सरकार को तुरंत अपनी टिप्पणी वापस लेनी चाहिए और वारकरी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए.” विधान परिषद सदस्य कायंदे ने बुधवार को विधान परिषद में दावा किया कि ‘अर्बन नक्सलियों’ ने वारी वार्षिक तीर्थयात्रा में घुसपैठ कर ली है और वे ‘वारकरियों’ को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं.

विधान परिषद सदस्य ने कहा कि पहले भी वारी यात्रा के दौरान मांस के टुकड़े फेंकने की घटनाएं हुई हैं. वारकरी संप्रदाय के प्रमुख नेता बंडातात्या कराडकर ने इस तरह की हरकतों पर आपत्ति जताई है. उन्होंने महायुति सरकार से वारी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया. कायंदे ने कहा कि भाजपा नीत सरकार महाराष्ट्र लोक सुरक्षा विधेयक पेश करने वाली है, जिसका विशेष उद्देश्य ऐसे विध्वंसकारी तत्वों पर अंकुश लगाना है.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि सरकार ने विधान परिषद सदस्य द्वारा उठाए गए मामले का संज्ञान लिया है और जांच के लिए गृह विभाग को उचित निर्देश जारी किए जाएंगे. गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने भी कहा कि उन्हें ‘अर्बन नक्सलियों’ द्वारा समाज को बांटने के प्रयासों के बारे में शिकायतें मिली हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले पर गौर करेगी.

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version