बेंगलुरु/नयी दिल्ली. महिला विश्व कप से पहले भारत को करारा झटका लगा जब बृहस्पतिवार को इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच के दौरान तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी चोटिल हो गईं. इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज एमी जोन्स को आउट करने वाली इस तेज गेंदबाज ने 13वें ओवर में हीथर नाइट की गेंद पर रिटर्न कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद अजीब तरीके से उनके बाएं पैर पर लग गई जिसके बाद वह जमीन पर गिर गईं.

डॉक्टर तुरंत रेड्डी को देखने मैदान पर पहुंचे और शुरुआत में उन्हें मैदान से बाहर चलने में मदद करने की कोशिश की. पर फिर इस गेंदबाज के लिए व्हीलचेयर मंगवाई गई. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा कि रेड्डी के विश्व कप में भाग लेने पर ‘स्पष्टता का इंतजार’ है. भारतीय टीम को उम्मीद है कि रेड्डी की चोट गंभीर नहीं होगी क्योंकि वह टीम के तेज गेंदबाज.ी विभाग का एक अहम हिस्सा हैं. भारत अपने अभियान की शुरुआत 30 सितंबर को गुवाहाटी में टूर्नामेंट के पहले दिन सह मेजबान श्रीलंका के खिलाफ करेगा.

हमारी सभी खिलाड़ियों को लगता है कि वे मैच विजेता हैं: स्मृति मंधाना

भारतीय उप कप्तान स्मृति मंधाना का कहना है कि पिछले टी20 विश्व कप के बाद से महिला टीम में सबसे बड़ा बदलाव यही आया है कि अब हर खिलाड़ी खुद को एक ‘मैच विजेता’ मानती है. उनका कहना है कि यह बदलाव फिटनेस और तैयारी पर अधिक ध्यान देने से आया है. भारतीय टीम आने वाले हफ्ते में महिला विश्व कप नहीं जीत पाने के मिथक को तोड़ना चाहेगी और 30 सितंबर को गुवाहाटी में श्रीलंका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी.

मंधाना ने ‘जियोस्टार’ से कहा, ”मुझे लगता है कि हमारे भरोसे में बहुत बदलाव आ गया है और यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी मेहनत करते हैं. जब प्रयास होता है तो संघर्ष हमेशा बना रहता है. ” उन्होंने कहा, ”यही एक चीज है जो इस टीम के साथ बदल गई है. हर कोई मानता है कि वे मैच विजेता हैं. ” उनतीस वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि पिछले टी20 विश्व कप ने बतौर खिलाड़ी उन पर गहरी छाप छोड़ी है.

उन्होंने कहा, ”पिछला टी20 विश्व कप मेरे लिए बहुत बड़ा झटका था. मैंने मन ही मन सोचा ‘मैं एक एथलीट के तौर पर जिंदगी में ऐसा महसूस नहीं करना चाहती’. इसके बाद फिटनेस और पोषण संबंधित कई बदलाव हुए हैं. ” मंधाना ने कहा, ”हम सभी इस विश्व कप का इंतजार कर रहे हैं. 2013 में जब मैं बच्ची थी तब से भारत में महिला क्रिकेट के लिए बहुत कुछ बदल गया है. मैं यह देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं कि स्टेडियम कैसे तैयार होते हैं और लोग किस तरह से समर्थन करते हैं. ” उन्होंने कहा, ”महिला प्रीमियर लीग ने हमें शोरगुल वाली भीड़ के बावजूद एकाग्र होकर खेलना सीखा दिया है. स्टेडियम में भारत का उत्साह ब­ढ़ाने वाले लोगों से ब­ढ़कर कुछ नहीं हो सकता. ”



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