Author: atulpradhan

वरिष्ठ एवं ख्यातिलब्ध स्तम्भकार डॉ नीलम महेन्द्र नवरात्र के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाल रही हैं.. चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा यानी नव संवत्सर का आरम्भ। ऐसा नववर्ष जिसमें सम्पूर्ण सृष्टि में एक नई ऊर्जा का संचार हो रहा होता है। एक तरफ पेड़ पौधों में नई पत्तियां और फूल खिल रहे होते हैं तो मौसम भी करवट बदल रहा होता है। शीत ऋतु जा रही होती है, ग्रीष्म ऋतु आ रही होती है और कोयल की मनमोहक कूक वातावरण में रस घोल रही होती है। देखा जाए तो प्रकृति हर ओर से नवीनता और बदलाव का संदेश दे रही…

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लेखक :डॉ.आनंद सिंह राणा, विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग, श्रीजानकीरमण महाविद्यालय एवं इतिहास संकलन समिति महाकौशल प्रांत 11 अप्रैल को महात्मा जोतिबा फुले जी की जयंती पर सादर समर्पित : यह लेख आगे बढ़े इसके पूर्व यह विचार करना आवश्यक है,कि पिछले कई दशकों से मिशनरियों, वामपंथियों, तथाकथित सेक्यूलरों और अब जय भीम – जय मीम के विद्वानों ने जोतिबा फुले को हिंदू धर्म विरोधी बताया है परंतु क्या यह सच है ? और यदि यह सच है तो महात्मा जोतिबा फुले ने हिंदू धर्म क्यों नहीं छोड़ा?क्यों उन्होंने ईसाई अथवा बौद्ध धर्म या अन्य धर्म स्वीकार नहीं किया? उत्तर स्पष्ट है…

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पूर्व राज्यसभा सांसद एवं ख्यातिलब्ध स्तंभकार श्री बलबीर पुंज अमेरिका में आगामी कुछ महीनों में होने वाले चुनाव में ट्रंप की वापसी की संभावनाओं का विश्लेषण कर रहे हैं… क्या अमेरिका में राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी होगी? यह प्रश्न दुनिया के इस सबसे शक्तिशाली देश के लिए महत्वपूर्ण तो है ही, साथ ही यह शेष विश्व को भी प्रभावित करेगा। स्वयं वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बीते दिनों अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, “भारत में जी20 हो या किसी अन्य देश में हुई बैठक, जब भी दुनियाभर के नेता जुटते हैं, तो वे…

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चैत्र शुक्ल पक्ष एकम् सृष्टि विकास के आरंभ का दिन है, और संसार के लिये नवसंवत्सर । अर्थात नये संवत् वर्ष का प्रथम दिन है। अब विक्रम संवत् 2081 और युगाब्द 5126 आरंभ हो रहा है । इस संवत्सर का आरंभिक नाम तो “पिंगल” होगा पर 24 अप्रैल से वर्षभर “कालयुक्त” नाम से जाना जायेगा । वर्ष राजा के मंगल और मंत्री का दायित्व शनि के पास रहेगा। युगाब्द संवत् महाभारत युद्ध के बाद सम्राट युधिष्ठिर के राज्याभिषेक, और महाराज विक्रमादित्य के राज्याभिषेक की तिथि से विक्रम संवत् आरंभ हुआ है।भारतीय नववर्ष 9 अप्रैल 2024 से शुरू हो रहा है…

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भारत ने 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी प्रभावी कदम उठाना शुरूकर दिया है। इसी क्रम में 15 मार्च को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा ’’छत्तीसगढ़ – विजन 2047’’ कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। राष्ट्रवाणी की संवाददाता जया लक्ष्मी तिवारी कॉन्फ्रेंस के विषय में प्रकाश डाल रही हैं। रायपुर : ’’अर्थव्यवस्था के विकास के साथ ही हमारी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यह भी है कि हम पर्यावरण के संरक्षण में स्वयं रूचि लेकर योगदान दें। हमारी पुरानी संस्कृति पर्यावरण संरक्षण की रही है। हम पेड़ पौधों, गाय, तालाबों की पूजा करते…

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रायपुर। पर्यावरण संकट से निपटने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक प्रभावी पहल की है। राज्य की विष्णु देव साय सरकार प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की निगरानी के लिए डैशबोर्ड बनाने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की प्रिमिटिव ट्राइब्स व वैद्यराजों से सुझाव लेकर सरकार अमल करेगी। रायपुर में 5 मार्च को ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाइमेट चेंज कॉन्क्लेव 2024‘‘ कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश की प्रिमिटिव ट्राइब्स के प्रतिनिधियों व वैद्यराजों को आमंत्रित किया गया जहां प्रकृति संरक्षण की दिशा में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की व उनसे सुझाव मांगे गए। उनसे मिले सुझावों…

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बस्तर में कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ और प्रभु श्रीराम के संबंधों का जैसे ही उल्लेख किया, वहां उपस्थित विशाल जनसमूह का रोम-रोम जैसे आस्था और गर्व से भर गया। भगवान राम मानवीय जीवन के लिए मर्यादा, नैतिकता, आचरण एवं मूल्यों के बोध हैं। किसी भी राष्ट्र के जीवन में कुछ अवसर ऐसे आते हैं, जो उसकी अस्मिता को सुदृढ़ करते हैं। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राणप्रतिष्ठा संपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक जगत का अनुष्ठान है। इसके ज्योर्तिपुंज से समग्र मानवता उर्वर होगी। भारतीय समाज ने राम मंदिर के निर्माण की इस यात्रा में जिस एकता…

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अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हेमचंद यादव हमेशा अपने बेबाक विचार के लिए सबके बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे। वह कार्यकर्ताओं को हमेशा परिवार के सदस्य की तरह अपनत्व प्रदान करते थे। 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान दुर्ग विधानसभा से पहली बार सदस्य निर्वाचित हुए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद उन्होंने फिर से दुर्ग विधानसभा से विजय हासिल करके तात्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के मंत्रिमंडल में (2003-2008) जलसंसाधन, खेल युवा कल्याण कैबिनेट मंत्री का दायित्व निर्वहन किया। उन्होंने 2008 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और तीसरी बार (2008-20013) डॉ रमन सिंह जी के…

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आपधारिक न्याय प्रणाली में बदलाव आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े तीन नये अधिनियम संसद द्वारा पारित कर दिए गए हैं। अब तक आपराधिक न्याय प्रणाली भारतीय दंड संहिता (इंडियन पीनल कोड-आईपीसी) 1860, दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) 1973 और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम से संचालित थी। इनमें समय-समय पर संशोधन हुए हैं, लेकिन यह संशोधन अपराध की बदलती प्रकृति और उसकी जांच प्रक्रिया में अपेक्षित बदलाव से दूर थे। इन तीनों कानून की जगह क्रमश: भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू होंगे। इसके जरिए पूरी आपराधिक न्याय प्रणाली में अभूतपूर्व…

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13 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ में खुशियों की तरक्की का नया सूर्योदय हुआ। राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट के शपथ ग्रहण के साथ ही प्रदेश में विकास सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी रूप से आगे बढ़ने लगा। सरकार के गठन के अगले ही दिन 14 दिसंबर 2023 को पहली कैबिनेट में विष्णुदेव साय सरकार ने 18 लाख 12,743 गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास देने का निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रही धान की सबसे ज्यादा कीमत धान का कटोरा कहलाने वाले छत्तीसगढ़ में धान की फसल यहां के किसानों के लिए तरक्की का आधार है। पूर्ववर्ती कांग्रेस…

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