मुंबई: भारतीय बाजार मंगलवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 288.35 अंक या 1.12 प्रतिशत गिरकर 25,424.65 पर बंद हुआ।
छह लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। तेज गिरावट के बीच निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई। इससे निवेशकों को एक ही दिन में छह लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
तकनीकी शेयरों में कमजोरी का रुझान जारी
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि एआई के संभावित प्रभाव के कारण तकनीकी शेयरों में कमजोरी का रुझान जारी है। भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर में कमजोरी यह संकेत देती है कि यह सेगमेंट दबाव में बना रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का आज बाद में होने वाला स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन और उसमें दिया जाने वाला संदेश वैश्विक बाजारों द्वारा उत्सुकता से देखा जाएगा।
इन कारणों से दिखी गिरावट
वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मनोबल कमजोर बना रहा। यह कमजोरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 10-15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ ढांचे की घोषणा के बाद टैरिफ संबंधी चिंताओं के फिर से उभरने से उत्पन्न हुई है, जिससे वैश्विक आर्थिक विकास और कंपनियों की आय पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं।
